दिल्ली हाई कोर्ट में दायर हुई मानहानि याचिका: अंजना ओम कश्यप ने खान सर पर ठोका 2 करोड़ का मानहानि मुकदमा

अंजना ओम कश्यप ने खान सर पर ठोका 2 करोड़ का मानहानि मुकदमा
प्रतिक्रियाएँ
Monika Das

Monika Das

0 सेकंड पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Diya Gupta

Diya Gupta

0 सेकंड पहले

Hum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.

Ada khan

Ada khan

0 सेकंड पहले

Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

CommentsReactionsFeedback

प्रसिद्ध टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने शिक्षाविद खान सर तथा कई अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कानूनी कार्रवाई ऑनलाइन शिक्षकों से जुड़ी एक बहस के बाद की गई कथित टिप्पणियों और सोशल मीडिया पोस्टों को लेकर की गई है।

 

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
जानकारी के मुताबिक, एक टीवी कार्यक्रम के दौरान अंजना ओम कश्यप ने ऑनलाइन और स्टार शिक्षकों के बढ़ते प्रभाव को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं। इसके बाद खान सर और अन्य प्रभावशाली शिक्षकों की ओर से सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई। इसी दौरान विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अंजना ओम कश्यप को लेकर कई वीडियो, पोस्ट और टिप्पणियां वायरल हुईं, जिन पर अब कानूनी विवाद खड़ा हो गया है।

 

याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप
मानहानि याचिका में दावा किया गया है कि कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और ब्रॉडकास्ट में अंजना ओम कश्यप के लिए कथित रूप से “बिकाऊ पत्रकार”, “चाटुकार” और “दल्ली” जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा उन पर दलाली करने और फेक न्यूज चलाने जैसे आरोप भी लगाए गए, जिससे उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कंटेंट हटाने की मांग
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुकदमे में यूट्यूब, मेटा और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिका में इन प्लेटफॉर्म्स से कथित मानहानिकारक वीडियो, टिप्पणियां और पोस्ट हटाने की मांग की गई है। साथ ही प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए आर्थिक मुआवजे की भी मांग की गई है।

 

कानूनी प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
मामले के अदालत पहुंचने के बाद अब सभी पक्षों की निगाहें दिल्ली हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। यह विवाद केवल दो पक्षों के बीच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सार्वजनिक आलोचना और मानहानि की कानूनी सीमाओं को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।

 

क्या होगा आगे?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत में दोनों पक्षों के दावों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल यह मामला मीडिया जगत और ऑनलाइन शिक्षा समुदाय दोनों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

प्रतिक्रियाएँ
Monika Das

Monika Das

0 सेकंड पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Diya Gupta

Diya Gupta

0 सेकंड पहले

Hum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.

Ada khan

Ada khan

0 सेकंड पहले

Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...