आजमगढ़ में पूजा के दौरान लाउडस्पीकर को लेकर विवाद: पुलिस ने आवाज़ कराई कम
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Reyansh Joshi
2 मिनट पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Taushif Shekh
3 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Anil Sen
4 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक धार्मिक आयोजन के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक हिंदू परिवार अपने घर पर पूजा-पाठ कर रहा था और लाउडस्पीकर पर भजन बजाए जा रहे थे। इसी दौरान पास स्थित मस्जिद की ओर से ध्वनि को लेकर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेने के बाद लाउडस्पीकर की आवाज़ कम कराने की कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण और लाउडस्पीकर संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि यदि विभिन्न धार्मिक स्थलों पर नियमित रूप से लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है, तो सभी समुदायों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। लोगों ने सवाल उठाया कि धार्मिक आयोजनों में ध्वनि संबंधी मानकों को लेकर एक समान व्यवस्था क्यों नहीं दिखाई देती।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स इसे समान नियमों और निष्पक्ष प्रशासन का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि अन्य लोगों का मानना है कि यह एक स्थानीय स्तर का विवाद है जिसे प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए।
ध्वनि प्रदूषण नियमों पर फिर शुरू हुई चर्चा
इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों और आयोजनों में लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कई लोग सभी धार्मिक समुदायों के लिए एक समान ध्वनि नियम लागू करने की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कह रहा है।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने धार्मिक आयोजनों में लाउडस्पीकर के उपयोग और उससे जुड़े नियमों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।







