
गर्मी में पौधों को ज्यादा पानी देना पड़ सकता है भारी भीषण गर्मी में लोग पौधों को बार-बार पानी देते हैं, लेकिन यही “एक्स्ट्रा केयर” पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार ओवरवॉटरिंग पौधों की जड़ों को कमजोर बना देती है।

ओवरवॉटरिंग बनती है साइलेंट किलर जरूरत से ज्यादा पानी देने से मिट्टी में ऑक्सीजन कम हो जाती है। इससे जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे खत्म होने लगता है।

पहचानें ओवरवॉटरिंग के संकेत पत्तियों का पीला पड़ना, तना नरम होना और पौधे का मुरझाना खतरे की निशानी है। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत पानी की मात्रा कम करें।

दोपहर में पानी देना क्यों है गलत? तेज धूप में पानी देने से वह जल्दी भाप बन जाता है। इस समय जड़ों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पाती और पौधे को फायदा कम होता है।

पौधों को पानी देने का सही समय सुबह सूरज निकलने से पहले पानी देना सबसे बेहतर माना जाता है। शाम को सूरज ढलने के बाद भी पानी देना पौधों के लिए फायदेमंद रहता है।

‘सॉइल प्रेस टेस्ट’ से जानें जरूरत पानी देने से पहले मिट्टी की नमी जरूर जांचें। अगर मिट्टी पहले से गीली है तो पौधे को पानी देने की जरूरत नहीं है।

सिर्फ ऊपर की मिट्टी देखकर न करें फैसला कई बार ऊपर की सतह सूखी दिखती है लेकिन अंदर नमी मौजूद रहती है। 1-2 इंच नीचे की मिट्टी चेक करने के बाद ही पानी दें।

गमले के हिसाब से दें पानी मिट्टी के गमले जल्दी सूखते हैं, इसलिए उन्हें ज्यादा पानी चाहिए। वहीं प्लास्टिक और सिरेमिक गमले नमी लंबे समय तक बनाए रखते हैं।

मल्चिंग और शेड से मिलेगा बचाव सूखी घास, पत्तियां या नारियल के छिलकों से मल्चिंग करने पर मिट्टी में नमी बनी रहती है। शेड नेट या कपड़े से पौधों को सीधी धूप से बचाना भी जरूरी है।

संतुलन ही है पौधों की लंबी उम्र का राज न ज्यादा पानी और न ही जरूरत से कम पानी देना सही है। सही समय, सही मात्रा और सही देखभाल से पौधे गर्मियों में भी हरे-भरे रहेंगे।