वर्दी बनाम वर्दी: शिमला में आमने-सामने आईं Delhi Police और Himachal Pradesh Police

2 मार्च 2026641
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शिमला में आमने-सामने आईं Delhi Police और Himachal Pradesh Police

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देश की राजधानी में आयोजित AI समिट के दौरान हुए ‘शर्ट उतारकर प्रदर्शन’ ने ऐसा मोड़ लिया कि दो राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई। Delhi Police की टीम जब कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश से तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने पहुँची, तो शिमला के शोगी बैरियर पर Himachal Pradesh Police ने उन्हें रोक लिया। आरोप—‘बिना सूचना और पर्याप्त दस्तावेज’ कार्रवाई, और यहां तक कि किडनैपिंग की FIR।
करीब 24 घंटे चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद मामला कोर्ट पहुँचा, ट्रांजिट रिमांड मिली और तीनों आरोपियों को दिल्ली ले जाया गया।

AI समिट से शुरू हुआ विवाद
दिल्ली के प्रतिष्ठित आयोजन स्थल Bharat Mandapam में हुए AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा तोड़ने और आपत्तिजनक/एंटी-नेशनल नारेबाजी के आरोप में कार्रवाई शुरू की। इसी सिलसिले में अलग-अलग राज्यों में रेड डाली गईं।
बताया गया कि स्पेशल सेल की 15-20 सदस्यीय टीम हिमाचल के रोहड़ू स्थित एक रिसॉर्ट से सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को लेकर दिल्ली रवाना हुई थी—तभी शिमला के पास शोगी बैरियर पर उन्हें रोक लिया गया।

‘किडनैपिंग’ का आरोप और FIR 

शिमला पुलिस का दावा था कि सादे कपड़ों में आए बाहरी लोगों ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए तीन युवकों को ‘जबरन’ ले जाने की कोशिश की। आरोप यह भी लगा कि रिसॉर्ट का CCTV DVR बिना मेमो/रसीद जब्त किया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ किडनैपिंग का केस दर्ज किया गया। हालांकि जांच में स्पष्ट हुआ कि टीम दिल्ली में दर्ज केस के तहत कार्रवाई कर रही थी।

कोर्ट की दखल के बाद थमा गतिरोध
तीनों आरोपियों का मेडिकल कराया गया और उन्हें ACJM-II की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने लगभग 18 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी। दिल्ली पुलिस के वकील नंद लाल ने कहा कि सभी प्रक्रियाएं कानून के तहत पूरी की गईं और आरोपियों को दिल्ली में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। आखिरकार कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद टीम को दिल्ली रवाना होने की अनुमति मिल गई।

वायरल वीडियो में दिखी खींचतान
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों राज्यों की पुलिस NH-5 पर बहस करती नजर आईं। शिमला पुलिस का कहना था कि गिरफ्तार आरोपियों को केवल सीमित संख्या में जवान ही ले जा सकते हैं, बाकी को जांच में सहयोग के लिए रुकना होगा।

सियासत भी गरमाई
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने इसे “केंद्र की गुंडागर्दी” बताया और शांत हिमाचल को अशांत करने की कोशिश करार दिया। वहीं बीजेपी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Uday Bhanu Chib की गिरफ्तारी को भी लेकर बयानबाजी तेज हुई।

बड़ा सवाल: क्या सियासी प्रोटेस्ट ने पुलिसिया प्रोटोकॉल की बलि ले ली?
यह मामला सिर्फ तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि राज्यों के बीच पुलिस समन्वय, सूचना साझा करने की प्रक्रिया और कानूनी प्रोटोकॉल का है।
क्या दिल्ली पुलिस को पहले स्थानीय पुलिस को औपचारिक सूचना देनी चाहिए थी?
या फिर हिमाचल पुलिस की कार्रवाई ‘ओवर-रिएक्शन’ थी?
दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क दे रहे हैं, लेकिन इस घटना ने संघीय ढांचे में पुलिस अधिकार-क्षेत्र (Jurisdiction) और समन्वय पर नई बहस छेड़ दी है।

अब तक की स्थिति
3 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली रवाना,
कुल 11 गिरफ्तारियां,
दिल्ली पुलिस कर्मियों पर हिमाचल में FIR,
कोर्ट में अगली सुनवाई लंबित,
राजनीतिक बयानबाजी जारी,

AI समिट का एक ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ अब कानून, राजनीति और संघीय अधिकारों की बड़ी बहस में बदल चुका है। वर्दी बनाम वर्दी की यह तस्वीर देश की प्रशासनिक समन्वय व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। क्या यह सिर्फ प्रक्रिया की चूक थी या राजनीतिक अविश्वास की परिणति? जवाब फिलहाल अदालत और जांच के पन्नों में छिपा है।

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