“मैं रहूं या ना रहूं, हमेशा साथ रहूंगा…”: प्रेमानंद महाराज के भावुक संदेश ने भक्तों को किया भावविभोरवृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने अपने करोड़ों भक्तों के लिए एक भावुक और आध्यात्मिक संदेश जारी किया है। पिछले कुछ समय से उनके स्वास्थ्य को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और चिंताएं सामने आ रही थीं। इसी बीच महाराज जी ने अपने अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं रहूं न रहूं, तुम्हारे गुरुदेव हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे। मिले न मिले, बोले न बोले, लेकिन मेरा प्रेम और आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ रहेगा।” उनके इस संदेश के बाद भक्त भावुक हो उठे और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। पदयात्रा और एकांतिक वार्तालाप अस्थायी रूप से बंद आश्रम की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी कारणों से प्रेमानंद महाराज की रात्रि पदयात्रा, एकांतिक दर्शन और एकांतिक वार्तालाप को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है। 17 मई से इन कार्यक्रमों पर अस्थायी रोक लगी हुई है। इस फैसले के बाद देशभर में फैले उनके अनुयायी चिंतित हो गए थे और लगातार उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहे थे। “मेरी चिंता छोड़िए, श्रीजी का ध्यान लगाइए” अपने वीडियो संदेश में प्रेमानंद महाराज ने भक्तों से आग्रह किया कि वे उनकी चिंता करने के बजाय भगवान और भजन-कीर्तन में अपना मन लगाएं। उन्होंने कहा, “आप अपना समय नाम जप, भजन और श्रीजी के चरणों में लगाइए। सांसारिक चिंताओं से मुक्त होकर निश्चिंत जीवन जीएं। जो कुछ हो रहा है, वह आप सभी के कल्याण के लिए ही हो रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि गुरु का सान्निध्य केवल शारीरिक उपस्थिति तक सीमित नहीं होता, बल्कि गुरु के विचार, शिक्षाएं और आशीर्वाद सदैव शिष्य के साथ रहते हैं।