India Named In US Tariff Proposal: रूस से तेल खरीद पर भारत को 100% टैरिफ का खतराडेमोक्रेटिक सांसद स्टेनी होयर द्वारा प्रस्तावित संशोधन में भारत के साथ चीन, तुर्किये, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक रिपब्लिक, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाखस्तान और किर्गिज रिपब्लिक को सूची में शामिल करने की बात कही गई है। प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे देशों पर दबाव बढ़ाना है, जो रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखते हैं। अमेरिकी पक्ष का तर्क है कि रूसी तेल से होने वाली आय मॉस्को की युद्ध क्षमता को आर्थिक आधार देती है। अमेरिकी सांसदों में भी मतभेद इस प्रस्ताव पर अमेरिकी सांसदों के बीच पूरी सहमति नहीं है। डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स ने सेक्शन 113 को पूरी तरह हटाने के लिए अलग संशोधन पेश किया है। यही प्रावधान राष्ट्रपति को रूस के व्यापारिक साझेदारों पर व्यापक सेकेंडरी टैरिफ लगाने का अधिकार देने से जुड़ा है। मीक्स ने इसके अलावा राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा हित में कुछ मामलों में प्रतिबंधों से अस्थायी छूट देने का विकल्प देने वाला अलग संशोधन भी पेश किया है। अब आगे क्या होगा फिलहाल यह मामला अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विधायी प्रक्रिया में है और अंतिम कानून का रूप नहीं ले पाया है। हाउस में बहस और संशोधनों के बाद मतदान होगा तथा इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि भारत पर 100 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लग गया है। हालांकि, यदि भारत का नाम अंतिम कानून में रहता है और राष्ट्रपति को दी गई टैरिफ शक्ति लागू होती है, तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और भारतीय निर्यातकों पर इसका संभावित असर बड़ा हो सकता है।