

ममता बनर्जी की कथित जातिसूचक टिप्पणी पर बवाल: NCSC का नोटिस जारी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा कथित तौर पर जातिसूचक शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) से तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव का माहौल गरमाया हुआ है और सभी दल वोटरों को साधने में जुटे हैं।
23 अप्रैल की रैली का वीडियो बना विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 को कोलकाता के चौरंगी इलाके में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ममता बनर्जी के भाषण का वीडियो सामने आया। आरोप है कि इस भाषण में उन्होंने अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया और विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोल दिया।
NCSC ने अपनाया सख्त रुख
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने कहा कि आयोग अनुसूचित जातियों के संवैधानिक अधिकारों, सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर जातिगत अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है।

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