प्यार को सज़ा मौत: अंतरजातीय विवाह से नाराज़ पिता ने दामाद को मारी गोली

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अंतरजातीय विवाह से नाराज़ पिता ने दामाद को मारी गोली

बिहार के दरभंगा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) परिसर में बीएससी नर्सिंग के छात्र राहुल कुमार की कथित तौर पर उनके ससुर प्रेम शंकर झा ने गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि यह हत्या अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज़गी के कारण की गई।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में मौजूद जातिगत पूर्वाग्रह, ‘ऑनर किलिंग’ और प्रेम विवाह को लेकर चल रही मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई है।

कॉलेज परिसर में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
मिली जानकारी के अनुसार, 24–25 वर्षीय राहुल कुमार दरभंगा मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र थे। उनकी पत्नी तन्नू प्रिया (या तनुप्रिया झा) भी वहीं नर्सिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा थीं। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था और करीब चार महीने पहले उन्होंने अंतरजातीय विवाह कर लिया था। बताया जा रहा है कि तन्नू के परिवार को यह शादी स्वीकार नहीं थी।
घटना वाले दिन राहुल कॉलेज हॉस्टल के पास मौजूद थे। तभी नकाब पहने एक व्यक्ति उनके पास आया और बेहद करीब से उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही राहुल जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

पत्नी की आंखों के सामने हुई हत्या
घटना के बाद सदमे में डूबी पत्नी तन्नू प्रिया ने जो बयान दिया, वह अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। तन्नू प्रिया ने कहा: “मेरे सामने ही पापा ने मेरे पति के सीने में गोली मार दी। वह मेरे सामने गिर पड़े और मेरी गोद में ही उनकी मौत हो गई।”
तन्नू का आरोप है कि उसके पिता प्रेम शंकर झा इस घटना के मुख्य आरोपी हैं। उसने यह भी कहा कि इस साजिश में उसके परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं।

छात्रों ने आरोपी की कर दी पिटाई
गोली चलने की आवाज सुनते ही हॉस्टल के छात्र और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। गुस्साए छात्रों ने आरोपी प्रेम शंकर झा को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बताया जाता है कि भीड़ ने आरोपी को तब तक पीटा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उसे भीड़ से बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया गया।

पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ रेड्डी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है, घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटा समाज
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक ओर बड़ी संख्या में लोग आरोपी पिता के खिलाफ कड़ी सज़ा की मांग कर रहे हैं और इसे “ऑनर किलिंग” बता रहे हैं। वहीं कुछ लोग पारिवारिक सम्मान और परंपराओं का हवाला देकर आरोपी का समर्थन करते भी दिखाई दे रहे हैं। हालांकि अधिकांश लोगों का मानना है कि किसी भी परिस्थिति में हत्या जैसी हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता।

अंतरजातीय विवाह पर फिर छिड़ी बहस
राहुल कुमार की हत्या ने देश में अंतरजातीय विवाह को लेकर जारी सामाजिक तनाव को फिर सामने ला दिया है। भारत के कानून के अनुसार बालिग युवक-युवती को अपनी पसंद से शादी करने का पूरा अधिकार है, चाहे वह अलग जाति या धर्म से क्यों न हो। सुप्रीम कोर्ट भी कई बार ऐसे विवाहों को सुरक्षा देने की बात कह चुका है। इसके बावजूद कई इलाकों में आज भी जातिगत सोच और सामाजिक दबाव के कारण प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों को खतरे का सामना करना पड़ता है।

एक सपने का दर्दनाक अंत
राहुल को जानने वाले दोस्तों के अनुसार वह पढ़ाई में अच्छा छात्र था और भविष्य में एक बेहतर जीवन बनाने के सपने देख रहा था। लेकिन एक गोली ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। वहीं तन्नू प्रिया के लिए यह घटना बेहद दर्दनाक है। उसने अपने पति को खो दिया और अब उसके पिता हत्या के आरोपी हैं।
यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या आज भी जाति और सामाजिक प्रतिष्ठा इंसान की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है?

दरभंगा की यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं, बल्कि हमारे समाज में मौजूद गहरे जातिगत पूर्वाग्रहों का आईना है। कानून भले ही प्रेम विवाह की इजाजत देता हो, लेकिन सामाजिक मानसिकता में बदलाव अभी भी बहुत जरूरी है।
हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। अगर समाज में बदलाव नहीं आया तो ऐसे दर्दनाक हादसे आगे भी होते रहेंगे।

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