Budget 2026: लेकिन नया जुर्माना क्यों माना जा रहा है ‘पॉजिटिव सिग्नल’

रविवार, 1 फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 (Budget 2026) से क्रिप्टो निवेशकों को टैक्स राहत की उम्मीद थी। निवेशक चाहते थे कि क्रिप्टो प्रॉफिट पर लगने वाला 30% टैक्स + 4% सेस और 1% TDS में कुछ ढील दी जाए। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न केवल टैक्स स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया, बल्कि एक नया जुर्माना भी घोषित कर दिया।
क्या है नया जुर्माना? जानिए पूरा पेनल्टी फ्रेमवर्क
बजट में क्रिप्टो एसेट्स के लिए रिपोर्टिंग कम्प्लायंस को और सख्त किया गया है। इसके तहत— क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की जानकारी न देने पर ₹200 प्रतिदिन का जुर्माना, गलत जानकारी देने या उसे ठीक न करने पर ₹50,000 का फ्लैट पेनल्टी, यह जुर्माना उन सभी रिपोर्टिंग एंटिटीज, खासकर क्रिप्टो एक्सचेंजों, पर लागू होगा।
वित्त मंत्री की चेतावनी: गलत रिपोर्टिंग अब पड़ेगी भारी
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह प्रावधान इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 509 के तहत लाया गया है। इसका मकसद क्रिप्टो एसेट्स से जुड़ी गलत या अधूरी जानकारी पर लगाम लगाना और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना है।









