Crypto Market Crash या Recovery: ग्लोबल फैक्टर्स का क्रिप्टो पर असर

2026 की शुरुआत के साथ ही क्रिप्टोकरेंसी मार्केट एक बार फिर वैश्विक निवेशकों और वित्तीय विशेषज्ञों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। Bitcoin और Ethereum जैसी प्रमुख डिजिटल करेंसी में लगातार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी कीमतों में अचानक गिरावट तो कभी सीमित तेजी, इस अस्थिरता ने निवेशकों के मन में बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या क्रिप्टो बाजार एक बड़े क्रैश की ओर बढ़ रहा है या यह सिर्फ रिकवरी से पहले का दौर है?
Bitcoin और Ethereum में उतार-चढ़ाव के कारण
Bitcoin, जिसे क्रिप्टो बाजार की रीढ़ माना जाता है, 2026 की शुरुआत में दबाव में नजर आ रहा है। वहीं Ethereum भी इसी ट्रेंड का अनुसरण करता दिख रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजहें ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता, निवेशकों की सतर्कता और संस्थागत निवेश में अस्थिरता हैं। बड़े निवेशक फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपना रहे हैं, जिससे बाजार में स्पष्ट दिशा का अभाव नजर आता है।
क्रैश नहीं, बल्कि कंसोलिडेशन फेज
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा हालात को सीधे तौर पर क्रैश कहना जल्दबाजी होगी। यह दौर एक तरह का कंसोलिडेशन फेज है, जहां बाजार पिछली तेजी के बाद ठहराव के साथ खुद को संतुलित कर रहा है। इस फेज में कीमतें सीमित दायरे में घूमती रहती हैं और निवेशक भविष्य की दिशा का इंतजार करते हैं।









