UPI और डिजिटल पेमेंट पर नया नियम: यूजर्स को होगा सीधा असर

डिजिटल इंडिया को और अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए सरकार और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने UPI और डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जुड़े कई नए नियम लागू करने का फैसला किया है। इन बदलावों का सीधा असर करोड़ों UPI यूजर्स, व्यापारियों, किसानों और आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।
NPCI के मुताबिक, अब पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन के लिए UPI की दैनिक सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मकसद उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और बड़े लेनदेन को आसान बनाना है। हालांकि, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) UPI ट्रांजैक्शन की सीमा पहले की तरह 1 लाख रुपये प्रतिदिन ही रखी गई है।
ये सभी नए नियम 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगे।
पहले क्या थी दिक्कत?
अब तक बड़े लेनदेन करने वाले यूजर्स को UPI लिमिट के कारण भुगतान को कई हिस्सों में करना पड़ता था या फिर चेक और बैंक ट्रांसफर जैसे पारंपरिक तरीकों का सहारा लेना पड़ता था। नई सीमा से यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
UPI और डिजिटल पेमेंट पर क्या बदला?
नए नियमों के तहत UPI यूजर्स को अब कुछ अतिरिक्त शर्तों और सुरक्षा उपायों का पालन करना होगा—
बार-बार UPI PIN बदलना अनिवार्य होगा,
लंबे समय से निष्क्रिय UPI ID बंद की जा सकती है,
एक मोबाइल नंबर पर सीमित UPI अकाउंट ही चल सकेंगे,
ट्रांजैक्शन फेल होने पर तुरंत अलर्ट सिस्टम मिलेगा,
PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे UPI ऐप्स में अब अतिरिक्त सुरक्षा फीचर्स जोड़े जाएंगे, ताकि ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाई जा सके।









