ऋतु त्रिपाठी और ऋशु मिश्रा का दावा: कानपुर HDFC बैंक विवाद में दूसरे पक्ष का पलटवार
कानपुर में स्थित HDFC Bank की एक शाखा में हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहले जहां बैंक कर्मचारी आस्था सिंह की ओर से सफाई सामने आई थी, वहीं अब दूसरे पक्ष – पूर्व बैंक कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी और उनके पति ऋशु मिश्रा – ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है।
मामला अब केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि “जातिवाद बनाम प्रोफेशनल व्यवहार” की बहस में बदल गया है।
ऋतु त्रिपाठी का दावा: “जाति नहीं, व्यवहार असली मुद्दा”
ऋतु त्रिपाठी का कहना है कि विवाद की जड़ “जाति पूछने” या “ठाकुर” शब्द के इस्तेमाल में नहीं है, बल्कि बैंक कर्मचारी के कथित अहंकारी रवैये और गाली-गलौज में है।
उनका आरोप है कि आस्था सिंह ने उनके पति के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और यहां तक कि “ठोक देने” जैसी धमकी भी दी। ऋतु के मुताबिक “वीडियो को दूसरी दिशा देने के लिए अब जातिवाद का एंगल जोड़ा जा रहा है, जबकि असली मुद्दा बैंक में ग्राहक के साथ हुई बदसलूकी है।”





