ओटीटी पर नंबर 1 बनी ‘धुरंधर’: पाकिस्तान में पायरेसी के जरिए हो रही धड़ल्ले से बिक्री

पाकिस्तान में पायरेसी के जरिए हो रही धड़ल्ले से बिक्री
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हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड की काल्पनिक जासूसी थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस से लेकर ओटीटी तक जबरदस्त सफलता हासिल की है। पाकिस्तान में आधिकारिक रूप से बैन होने के बावजूद यह फिल्म वहां चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
कराची की कुख्यात ल्यारी गैंगवार पर आधारित यह फिल्म जब से ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर रिलीज हुई है, तब से सीमा पार भी इसका क्रेज देखने को मिल रहा है।

नेटफ्लिक्स पर बनाया रिकॉर्ड
‘धुरंधर’ ने 26 जनवरी से 1 फरवरी के बीच 76 लाख व्यूज के साथ वैश्विक गैर-अंग्रेजी फिल्मों की सूची में पहला स्थान हासिल किया। पाकिस्तान में थिएटर रिलीज न होने के बावजूद यह वहां की नेटफ्लिक्स टॉप 10 सूची में भी नंबर 1 रही। फिल्म को यूएई, बहरीन, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देशों में भी शानदार रिस्पॉन्स मिला।

कराची की मार्केट में 50 रुपये में ‘धुरंधर’!
न्यूज़ीलैंड के ट्रैवल व्लॉगर Karl Rock ने अपने व्लॉग में कराची के सदर बाजार स्थित मशहूर ‘रेनबो सेंटर’ का दौरा किया।
वहां एक दुकान पर कंप्यूटर स्क्रीन पर ‘धुरंधर’ का पोस्टर दिखाई दिया। जब कार्ल ने दुकानदार से फिल्म के बारे में पूछा, तो जवाब मिला—“यह भारत की नई और हिट फिल्म है।” सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब दुकानदार ने फिल्म की कीमत बताई— USB में सिर्फ 50 पाकिस्तानी रुपये (करीब 16 भारतीय रुपये),  DVD में लगभग 300 पाकिस्तानी रुपये, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या बोले दुकानदार?
दुकानदार ने साफ कहा कि यह “इंडियन हिट मूवी” है और लोग इसे खूब खरीद रहे हैं। भले ही फिल्म पर पाकिस्तान में आधिकारिक बैन है, लेकिन ब्लैक मार्केट में इसकी भारी डिमांड देखी जा रही है।

पायरेसी में भी रिकॉर्ड!
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलीज के दो हफ्तों के भीतर ‘धुरंधर’ को पाकिस्तान में करीब 20 लाख बार गैर-कानूनी तरीके से डाउनलोड किया गया। इस मामले में इसने कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया।

रणवीर सिंह और कराची कनेक्शन
फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले Ranveer Singh को लेकर भी चर्चा हुई। कार्ल रॉक ने बताया कि रणवीर सिंह का पारिवारिक संबंध कराची से जुड़ा है और विभाजन के समय उनका परिवार भारत आया था।

सीमाओं से परे भारतीय सिनेमा
‘धुरंधर’ की कहानी कंधार विमान अपहरण, संसद हमला और 26/11 जैसे संवेदनशील मुद्दों की पृष्ठभूमि में खुफिया अभियानों पर आधारित है। निर्देशक Aditya Dhar की यह फिल्म भले ही कुछ देशों में सिनेमाघरों में रिलीज न हो सकी हो, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसने नई मिसाल कायम की है।

पाकिस्तान में बैन के बावजूद ‘धुरंधर’ की लोकप्रियता यह साबित करती है कि भारतीय सिनेमा की पहुंच सीमाओं से कहीं आगे है। हालांकि पायरेसी फिल्म निर्माताओं के लिए बड़ा नुकसान है, लेकिन यह भी सच है कि फिल्म का क्रेज पड़ोसी देश में चरम पर है।

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