छपरा में इंसानियत पर सवाल: अंतिम संस्कार में गांव बना मूकदर्शक
बिहार के छपरा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक गांव में युवती के अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया। आरोप है कि गांव के किसी भी व्यक्ति ने मृत युवती की अर्थी को कंधा नहीं दिया।
पिता और भाई ने अकेले उठाई बेटी की अर्थी
दुख की घड़ी में जहां पूरा गांव परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था, वहां मजबूर पिता और भाई ने अकेले ही बेटी की अर्थी उठाई। न कोई रिश्तेदार आगे आया, न ही कोई ग्रामीण। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी बेहद भावुक कर देने वाला था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि शोक में डूबा परिवार मदद की आस में खड़ा है, लेकिन आसपास मौजूद लोग मूकदर्शक बने हुए हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद समाजिक संवेदनाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।








