डूरंड लाइन विवाद और TTP: अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की 8 चौकियां कब्जे में लेने का दावा

2 दिन पहले335
🚚

फ्री होम डिलीवरी

₹0

विज्ञापन
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की 8 चौकियां कब्जे में लेने का दावा

स्मार्टवॉच ऑफर

₹2,999

विज्ञापन

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,640 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे Durand Line कहा जाता है, एक बार फिर भीषण संघर्ष का केंद्र बन गई है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि कंधार, खोस्त और जाबुल प्रांतों में पाकिस्तान की 8 सुरक्षा चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है। स्थानीय मीडिया और TOLO News की रिपोर्ट के अनुसार, स्पिन बोल्दक और शोराबाक क्षेत्रों में लगातार झड़पें जारी हैं।

चौकियों पर कब्जा और सैन्य प्रहार
अफगान तालिबान का दावा है कि: कंधार में 5 चौकियां, खोस्त में 2 चौकियां, जाबुल में 1 चौकी, उनके नियंत्रण में आ चुकी हैं। अफगान बलों ने कथित तौर पर डूरंड लाइन पार कर स्पिन बोल्दक और शोराबाक जिलों में पाकिस्तानी पोस्ट पर हमला किया। जाबुल के शमुलजई जिले के शिन बंद इलाके तक अफगान सेना के आगे बढ़ने की खबर है।
अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि स्पिन बोल्दक में 3 पाक सैनिक मारे गए और एक को जिंदा पकड़ा गया। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी चौकियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’
पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में काबुल, कंधार और पक्तिका में हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ नाम दिया गया है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने खुले युद्ध जैसी चेतावनी देते हुए कहा कि “अब सब्र का प्याला भर चुका है।” वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रपति Asif Ali Zardari ने कहा कि देश की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं होगा।

ड्रोन, मिसाइल और बगराम एयरबेस
अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसने एक पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराया। काबुल के बाहर स्थित Bagram Airfield पर हमले की कोशिश को रूसी निर्मित ZU-23 एंटी एयरक्राफ्ट गनों से विफल कर दिया गया। किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

संयुक्त राष्ट्र पर भड़का तालिबान
तालिबान प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद केवल औपचारिक बैठकें करती है और वास्तविक समाधान नहीं निकालती। साथ ही उन्होंने अफगान शरणार्थियों के साथ पाकिस्तान में हो रहे कथित व्यवहार पर भी चिंता जताई।

तनाव कैसे बढ़ा?
संघर्ष की जड़ दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:
1. डूरंड लाइन विवाद : 1893 में खींची गई इस सीमा को अफगानिस्तान आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं करता।
2. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) : पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान, Tehrik-i-Taliban Pakistan को पनाह दे रहा है, जो इस्लामाबाद सरकार को अस्थिर करना चाहता है।

सीमावर्ती इलाकों में दहशत
स्पिन बोल्दक, अली-शेर और शोराबाक सेक्टर में लगातार गोलाबारी से नागरिकों में भय का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसे 2021 के बाद सबसे गंभीर सीमा संकट बता रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती तल्खी अब बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकती है, जिससे दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

दुनिया की बढ़ती चिंता
संघर्ष के बाद वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ गई है। कतर-मध्यस्थता वाला युद्धविराम खतरे में है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह टकराव व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच यह सीधा सैन्य टकराव पिछले कई वर्षों में सबसे बड़ा माना जा रहा है। दोनों पक्ष भारी नुकसान के दावे कर रहे हैं, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। डूरंड लाइन पर हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं और अगर कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो दक्षिण एशिया एक नए संकट की ओर बढ़ सकता है।

🎧

हेडफोन्स सेल

₹1,499

विज्ञापन
📱

टैबलेट मेगा सेल

₹12,999

विज्ञापन

खबरे और भी है...

👔

फैशन कलेक्शन

₹799

विज्ञापन
🏠

होम अप्लायंसेस

₹15,999

विज्ञापन