गाजा में गहराया मानवीय संकट: भुखमरी, कुपोषण और लगातार हमलों से बिगड़ते हालातगाजा पट्टी में जारी संघर्ष के बीच मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और मानवीय एजेंसियों की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, आम नागरिक—विशेषकर महिलाएं और बच्चे—सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। लगातार सैन्य कार्रवाई, सीमित मानवीय सहायता और आवश्यक वस्तुओं की कमी के कारण लाखों लोगों का जीवन संकट में है। 60 हजार से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत का दावा संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में 60,000 से अधिक फिलिस्तीनियों के मारे जाने की सूचना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च में संघर्ष दोबारा तेज होने के बाद लगभग 9,000 लोगों की मौत हुई, जबकि केवल 23 से 30 जुलाई के बीच 640 लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, भोजन की तलाश में निकले नागरिकों पर भी खतरा बढ़ा है। 27 मई से अब तक ऐसे 1,239 लोगों की मौत और 8,152 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना दी गई है। भुखमरी और कुपोषण ने लिया भयावह रूप विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक कुपोषण से जुड़ी 154 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 89 बच्चे शामिल हैं। इनमें से 63 मौतें केवल जुलाई महीने में हुईं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में 81 प्रतिशत परिवारों ने भोजन की गंभीर कमी की जानकारी दी, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 33 प्रतिशत था। वहीं 24 प्रतिशत परिवार गंभीर भूख की स्थिति में पहुंच गए हैं। खान यूनिस, दीर अल बलाह और गाजा शहर में तीव्र कुपोषण की दर अकाल की सीमा को पार कर चुकी है।