Israel-US और Iran जंग का चौथा दिन: अमेरिका-इजरायल के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का खुलासा
फ्री होम डिलीवरी
₹0
स्मार्टवॉच ऑफर
₹2,999
ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत ने पूरे पश्चिम एशिया की राजनीति को झकझोर दिया है। ईरानी स्टेट मीडिया ने पुष्टि की है कि 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में तेहरान स्थित ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें देश के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व पर हमला हुआ।
ईरान ने देशव्यापी शोक की घोषणा की है और इसे इस्लामी गणराज्य के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक बताया जा रहा है।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ क्या है?
28 फरवरी 2026 को एक अज्ञात स्थान से अमेरिका-इजरायल की संयुक्त टीम ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” की निगरानी की। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए की गई।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि जंग 4-5 हफ्ते चल सकती है और “सबसे बड़ा हमला अभी बाकी है।”
अमेरिका-इजरायल अभियान के टॉप 4 चेहरे
1. Dan Caine – ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष
2025 में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नियुक्त और अमेरिकी सीनेट से पुष्टि प्राप्त करने वाले डैन केन इस ऑपरेशन की सैन्य रणनीति के प्रमुख चेहरे रहे। खुफिया समन्वय और सैन्य विकल्प तैयार किए, वॉर रूम में ट्रंप को लाइव अपडेट देते रहे, खाड़ी क्षेत्र में अभियानों का लंबा अनुभव,
2. Brad Cooper – US CENTCOM प्रमुख
United States Central Command (CENTCOM) के चीफ ब्रैड कूपर ने ऑपरेशन के संचालन स्तर पर समन्वय किया। वायु सेना, नौसेना और इजरायली बलों के बीच तालमेल, लक्ष्यों का निर्धारण और हमलों की निगरानी,
3. Benjamin Netanyahu – इजरायल के प्रधानमंत्री
नेतन्याहू ने कहा कि “अगर अभी ईरान को नहीं रोका गया तो वह अजेय हो जाएगा।” इजरायल ने अमेरिका के नेतृत्व वाले ऑपरेशन का समर्थन किया।
4. Donald Trump – अमेरिकी राष्ट्रपति
ट्रंप ने इसे “बड़ा कॉम्बैट ऑपरेशन” बताया और कहा कि अमेरिका के पास लंबी लड़ाई की क्षमता है।
हमलों का असर: मौत और तबाही
1000+ ठिकानों पर हमले,
शुरुआती 30 घंटे में 2000 से ज्यादा बम,
742 से अधिक मौतें (176 बच्चे शामिल),
750+ घायल,
6 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत,
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 555 से लेकर 742 तक मौतों के अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, जिससे हालात की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संकट
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उसने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। यह समुद्री रास्ता दुनिया की तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा संभालता है। भारत का लगभग 50% तेल इसी मार्ग से आता है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि स्ट्रेट अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
ईरान का जवाब और बढ़ता तनाव
ईरान ने मिडिल ईस्ट के 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमले का दावा किया। कुवैत में 3 अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश हुए, हालांकि सभी पायलट सुरक्षित बताए गए। ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी Ali Larijani ने साफ कहा कि “ईरान अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा।”
भारत में हाई अलर्ट
भारत के गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। ईरानी, अमेरिकी और इजरायली दूतावासों के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज, संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट,
कूटनीति पर असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब ईरान और अमेरिका के बीच जिनेवा में परमाणु वार्ता का तीसरा दौर हुआ था। इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने कूटनीतिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Ali Khamenei की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच यह संघर्ष केवल सैन्य नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा, कूटनीति और सुरक्षा संतुलन को भी प्रभावित कर रहा है। आने वाले दिनों में यह जंग क्षेत्रीय संघर्ष से वैश्विक संकट का रूप ले सकती है।
हेडफोन्स सेल
₹1,499
स्मार्टवॉच ऑफर
₹2,999
टैबलेट मेगा सेल
₹12,999
खबरे और भी है...
मिडिल ईस्ट में जंग की आहट: तेहरान में धमाके
हेडफोन्स सेल
₹1,499
फैशन कलेक्शन
₹799
बेस्ट लैपटॉप डील
₹39,999








