उम्मीद की किरण: जो निराशा में भी जगाती है आशा

आज का दौर युद्ध, महंगाई, अपराध, बीमारी और राजनीतिक तनाव जैसी खबरों से भरा हुआ है। हर सुबह अख़बार और न्यूज़ पोर्टल खोलते ही नकारात्मक सुर्खियाँ सामने आती हैं, जो समाज में डर और निराशा का माहौल बना देती हैं। लेकिन इन्हीं बुरी खबरों के बीच कुछ अच्छी पहलें ऐसी भी होती हैं, जो “उम्मीद की किरण” बनकर सामने आती हैं।
“उम्मीद की किरण: बुरी खबरों के बीच अच्छी पहल” का अर्थ यही है कि हर कठिन परिस्थिति में कोई न कोई सकारात्मक अवसर छिपा होता है। यह ठीक उसी तरह है जैसे प्रसिद्ध कहावत— “हर बादल में एक चांदी की परत होती है।”
छोटी पहल, बड़ा बदलाव
देश के अलग-अलग हिस्सों में आम लोग बिना किसी प्रचार के समाज को बेहतर बनाने में जुटे हैं। कहीं युवा अपनी जेब खर्च से गरीब बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठा रहे हैं, तो कहीं महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। ये पहलें भले ही छोटी लगें, लेकिन इनका असर समाज पर गहरा होता है।






