गीता फोगाट ने साझा किया संघर्ष का सफर: गीता फोगाट ने कानपुर में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान और ‘दंगल गर्ल’ के नाम से मशहूर गीता फोगाट ने कानपुर में छात्रों से संवाद कार्यक्रम के दौरान अपने जीवन के संघर्ष, कठोर अनुशासन और ऐतिहासिक सफलता की प्रेरणादायक कहानी साझा की। यह कार्यक्रम मैनावती मार्ग स्थित जीडी गोयनका स्कूल में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान गीता फोगाट ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य तय करने, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता किसी एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि इसके पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और आत्मअनुशासन छिपा होता है।
पिता की कठोर मेहनत ने बनाई चैंपियन
छात्रों को संबोधित करते हुए गीता फोगाट ने भावुक अंदाज़ में कहा कि उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ी भूमिका उनके पिता महावीर सिंह फोगाट की रही है। उन्होंने बताया कि पिता का कठोर अनुशासन, अटूट विश्वास और अथक परिश्रम ही वह मजबूत नींव बना, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
गीता ने कहा, “हरियाणा के एक छोटे से गांव से निकलकर दुनिया के मंच पर तिरंगा लहराना आसान नहीं था। समाज की सोच, संसाधनों की कमी और चुनौतियां हर कदम पर थीं, लेकिन पिता की प्रेरणा और विश्वास ने हर मुश्किल को आसान बना दिया।”
उन्होंने बताया कि पिता ने बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं किया और समाज की आलोचनाओं की परवाह किए बिना अपनी बेटियों को कुश्ती के अखाड़े में उतार दिया।






