लोकतंत्र के प्रहरी को ‘कठपुतली’ बनाने की तैयारी: CJI को बाहर रखने पर सरकार घिरी
चुनाव आयुक्तों (CEC और EC) की नियुक्ति की नई प्रक्रिया को लेकर देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को बाहर रखना लोकतंत्र की निष्पक्षता पर सीधा प्रहार है। चड्ढा के मुताबिक, जब चयन समिति में प्रधानमंत्री और उनके द्वारा नामित एक मंत्री शामिल होंगे, तो बहुमत स्वाभाविक रूप से सरकार के पक्ष में रहेगा।
चयन समिति से CJI को बाहर रखने पर सवाल
पहले की व्यवस्था में चयन प्रक्रिया में न्यायपालिका की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए CJI को शामिल किया गया था। लेकिन नई व्यवस्था में इसे हटाकर समिति को राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित कर दिया गया है।
राघव चड्ढा का कहना है कि “जब चयन समिति में 2:1 का समीकरण सरकार के पक्ष में रहेगा, तो विपक्ष के नेता की मौजूदगी केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।” उनका आरोप है कि इससे चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।





