राहुल गांधी के भाषण पर विवाद के बाद बढ़ा टकराव: ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के बाद सियासी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 118 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब राहुल गांधी ने 2020 के चीन स्टैंडऑफ से जुड़े पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के अंश पढ़ने की कोशिश की। स्पीकर ओम बिरला ने पुस्तक के अप्रकाशित होने का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया।
इसके बाद सदन में हंगामा हुआ और बजट सत्र के दौरान 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया।
स्पीकर ओम बिरला ने यह भी दावा किया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के आसन के पास जाकर अप्रत्याशित घटना कर सकते थे, इसलिए उन्होंने पीएम मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया।
कांग्रेस और विपक्ष के आरोप
प्रियंका गांधी का बयान : प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं और स्पीकर पर दबाव डाला गया है। उन्होंने स्पीकर के बयान को “पूरी तरह झूठ” बताया।
मनिकम टैगोर का आरोप : लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता मनिकम टैगोर ने कहा कि “चेयर एक तरफ स्टैंड ले रही है और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।” उनका आरोप है कि विपक्षी नेताओं के माइक बंद कर दिए जाते हैं।
शशि थरूर और कार्ति चिदंबरम का समर्थन : शशि थरूर ने कहा कि “हम बजट पर बोलने आए थे, लेकिन सरकार और स्पीकर कार्यवाही में रुचि नहीं दिखा रहे।”
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि संसद बहस और प्रक्रिया का मंच है, विपक्ष को बोलने का अधिकार मिलना चाहिए।




