मानसून सत्र के आखिरी दिन भी हंगामा: अमित शाह के 24 घंटे के प्रस्ताव को विपक्ष ने ठुकरायासंसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के बीच गुजर रहा है। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई समेत कई मुद्दों को लेकर संसद में जारी गतिरोध खत्म नहीं हो पाया है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 24 घंटे की लंबी चर्चा के प्रस्ताव ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अमित शाह ने दिया 24 घंटे की चर्चा का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जारी गतिरोध खत्म करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर लंबी चर्चा की पेशकश की। शाह ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।प्रस्ताव के मुताबिक, शाह बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर 3 बजे तक सदन में मौजूद रहकर चर्चा में हिस्सा लेने के लिए तैयार थे। सरकार की ओर से इसे विपक्ष को मुद्दों पर खुली बहस का अवसर देने के तौर पर पेश किया गया। राहुल गांधी ने किया पलटवार अमित शाह के प्रस्ताव पर विपक्ष की प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं रही। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं और छात्रों को लंबे भाषण या उपदेश नहीं चाहिए, बल्कि उनके सवालों के सीधे जवाब चाहिए।विपक्ष का मुख्य सवाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर है। विपक्ष यह जानना चाहता है कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का आदेश किस स्तर से दिया गया।कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि केवल सदन में लंबी चर्चा कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा। वे पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने और पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।