पेपर लीक कानून को लेकर संसद में तीखी बहस: ओवैसी का सरकार पर हमलासंसद के मानसून सत्र में 'पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल 2026' पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने बिल को परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे केवल कानून तक सीमित समाधान करार दिया। लोकसभा में कई सांसदों ने छात्रों के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। पूरे दिन सदन में इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। ओवैसी की सरकार को चेतावनी, युवाओं के भविष्य पर चिंता AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल पर चर्चा के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल कड़े कानून बनाने से पेपर लीक जैसी समस्याएं खत्म नहीं होंगी। ओवैसी ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है और युवाओं की लगातार उपेक्षा देश के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। उन्होंने NEET से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार से तकनीक आधारित पारदर्शी परीक्षा प्रणाली विकसित करने और AI आधारित प्रश्न बैंक तैयार करने की मांग भी रखी। केरल में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से सियासत गरमाई केरल में NEET परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन करने वाले हजारों लोगों पर दर्ज मामलों को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और यूडीएफ सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं ने कहा कि एक ओर विपक्ष छात्रों के समर्थन की बात करता है, जबकि दूसरी ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इस मुद्दे ने संसद के बाहर भी राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।