बोर्डरूम से सड़क तक: गिग वर्कर्स का दर्द समझने सड़क पर उतरे सांसद राघव चड्ढा

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स की समस्याओं को समझने के लिए राजनीति की चकाचौंध से दूर एक अनोखा और जमीनी कदम उठाया। सोमवार की ठंडी रात में वे ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय बनकर स्कूटी पर सवार हुए और घर-घर जाकर सामान की डिलीवरी की।
राघव चड्ढा ने ब्लिंकिट की पीली यूनिफॉर्म पहनी, कंधे पर डिलीवरी बैग टांगा और एक असली डिलीवरी राइडर के साथ ऑर्डर पूरे किए। इस पूरे अनुभव का वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा—
“Away from boardrooms, at the grassroots. I lived their day. Stay tuned!”
यह कदम सिर्फ एक प्रतीकात्मक एक्ट नहीं, बल्कि गिग इकॉनमी में काम कर रहे लाखों डिलीवरी पार्टनर्स के शोषण को उजागर करने की कोशिश माना जा रहा है।
संसद में भी उठा चुके हैं आवाज
राघव चड्ढा लंबे समय से Zomato, Swiggy, Blinkit, Zepto जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गिग वर्कर्स के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहे हैं। दिसंबर 2025 में उन्होंने राज्यसभा में “10 मिनट डिलीवरी कल्चर” को सीधे तौर पर “क्रूरता” बताया था। उनका कहना था कि यह मॉडल वर्कर्स को तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप और जान जोखिम में डालने के लिए मजबूर करता है, सिर्फ इसलिए कि उनकी रेटिंग न गिरे या आईडी ब्लॉक न हो।







