महंगाई की मार: खाने-पीने से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक बढ़ा खर्च

देश में बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर डाल दिया है। राशन, सब्जी, दाल, दूध और अनाज जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। महंगाई अब केवल एक आर्थिक शब्द नहीं रह गई है, बल्कि यह हर घर की रसोई, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है।
RBI के लक्ष्य से ऊपर रही महंगाई दर
2025 में भारत की महंगाई दर कई बार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तय लक्ष्य से ऊपर रही, जिससे घर चलाना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया। खाने-पीने की चीजों के साथ-साथ परिवहन, दवा और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतों में भी लगातार इजाफा देखने को मिला है। इसका सीधा असर परिवारों की बचत पर पड़ा है और लोग गैरजरूरी खर्चों में कटौती करने को मजबूर हो गए हैं।
सर्वे रिपोर्ट: 59% लोग खाद्य महंगाई से परेशान
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और डेलॉएट इंडिया की फाइनेंशियल इम्यूनिटी स्टडी के मुताबिक, देश में 59 प्रतिशत लोग बढ़ती खाद्य महंगाई से परेशान हैं। दाल, मसाले और सब्जियों की बढ़ती कीमतें सबसे बड़ी चिंता बनी हुई हैं, जबकि 43 प्रतिशत लोगों ने रोजमर्रा की खपत वाली चीजों के महंगे होने को अपनी परेशानी का कारण बताया है।







