कटनी स्टेशन से पहले गूंजी किलकारी: मानवता की मिसाल

मुंबई से कोलकाता जा रही ट्रेन क्रमांक 12322 हावड़ा मेल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्लीपर कोच S-5 में यात्रा कर रहीं 26 वर्षीय शांति कुमारी को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। चलती ट्रेन में अचानक इस आपात स्थिति ने यात्रियों को सकते में डाल दिया। ट्रेन मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पहुँचने ही वाली थी, लेकिन महिला की हालत तेजी से बिगड़ रही थी और समय बेहद कम था।
यात्रियों ने दिखाई संवेदनशीलता, बने ‘देवदूत’
आपात स्थिति में ट्रेन में मौजूद महिला सह-यात्रियों और अन्य यात्रियों ने असाधारण संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय दिया। संसाधनों की कमी और सीमित सुविधाओं के बावजूद यात्रियों ने घबराने के बजाय एकजुट होकर स्थिति को संभाला। चादरों का घेरा बनाकर महिला को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया और आपसी सहयोग से चलती ट्रेन में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।
कुछ ही देर में जब नवजात की किलकारी बोगी में गूंजी, तो पूरे डिब्बे का माहौल भावुक हो उठा। अनजान यात्रियों ने उस पल परिवार बनकर एक नई ज़िंदगी का स्वागत किया।
रेलवे प्रशासन रहा सतर्क, मोबाइल सिस्टम से की निगरानी
प्रसव पीड़ा की सूचना मिलते ही यात्रियों द्वारा तुरंत रेलवे प्रशासन को अवगत कराया गया। रेलवे के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने मोबाइल और कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए रखी और आवश्यक प्राथमिक चिकित्सकीय मार्गदर्शन दिया। इसी समन्वय के चलते ट्रेन में ही सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।






