शहडोल काला झंडा मामला: 12वीं की परीक्षा छूटी

मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में मुख्यमंत्री Mohan Yadav के काफिले को काले झंडे दिखाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। 8 फरवरी को शहडोल के धनपुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुद्ध पेयजल की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। लेकिन इनमें एक 17 वर्षीय छात्र भी शामिल था, जिसकी उम्र की जांच किए बिना उसे सामान्य जेल भेज दिया गया। इसी वजह से वह अपनी 12वीं की अंग्रेजी बोर्ड परीक्षा नहीं दे सका।
नाबालिग छात्र की परीक्षा छूटी, परिवार में आक्रोश
गिरफ्तार छात्र सत्यम प्रजापति की जन्मतिथि 22 मई 2008 बताई जा रही है, जिससे वह 18 वर्ष से कम आयु का है। वह 8 फरवरी से जेल में बंद रहा और 10 फरवरी को रिहा हुआ, लेकिन तब तक उसका अंग्रेजी का पेपर हो चुका था।
परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों से उम्र का सत्यापन नहीं किया और सीधे जेल भेज दिया। इस लापरवाही के कारण छात्र का एक वर्ष बर्बाद होने की आशंका है।
किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन?
Juvenile Justice Act 2015 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को सामान्य जेल में नहीं रखा जा सकता। ऐसे मामलों में आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह या ऑब्जर्वेशन होम भेजा जाना चाहिए।
इस मामले में बुढार पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।






