तनावभरी जिंदगी में ‘माइंड क्लैरिटी’ की नई तलाश: विचारों का अनियंत्रित प्रवाह: मनोवैज्ञानिकों ने बताई बढ़ती चिंता की वजह

आज की भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी में लोग मानसिक थकान, तनाव, अवसाद और बढ़ते विचारों के दबाव का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में माइंड क्लैरिटी, मेडिटेशन, स्पिरिचुअल हीलिंग, और विचार नियंत्रण तकनीक से जुड़े विषयों में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है।
विचारों का तूफ़ान—सबसे बड़ी चुनौती
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि आज के समय में लोगों की सबसे बड़ी समस्या है अनियंत्रित विचार प्रवाह।
बिना रुके दौड़ते विचार व्यक्ति के अंदर चिंता, ओवरथिंकिंग, नींद न आना, जल्दबाज़ी में फैसले, रिश्तों में तनाव पैदा करता है |
आध्यात्मिकता की ओर वापसी
भीड़ और कोलाहल के बीच लोग अब शांति तलाशने लगे हैं। आध्यात्मिक परंपराएँ आज सिर्फ बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं।
योग, प्राणायाम, मंत्र-जप और साइलेंट मेडिटेशन जैसी पारंपरिक भारतीय पद्धतियाँ दोबारा लोकप्रिय हो रही हैं। युवा, कॉर्पोरेट कर्मचारी, स्टूडेंट और गृहिणियाँ भी ध्यान, योग, प्राणायाम, मंत्र-जप, और साइलेंट मेडिटेशन की ओर रुख कर रहे हैं।






