7 बड़ी परंतु अनजानी दुर्घटनाएँ / विनाशलीलाएँ : स्टान चक्रवात से तांगशन भूकम्प तक:

वे विनाशलीलाएँ थी जिनकी वजह से हजारों लाखों लोगों की मौत हो गई, लाखो लोग बेघर हो गए और हजारो लोग प्रभावित हुए. लेकिन ये विनाशलीलाएँ या दुर्घटनाएँ कभी खबर नहीं बनी. लोगों का ध्यान इन दुर्घटनाओं की तरफ या तो गया ही नहीं या फिर कम गया.
स्टान चक्रवात, मध्य अमेरिका [अक्तूबर 2005]
स्टान चक्रवात अक्तूबर 2005 में आया था और इसने ग्वाटेमाला, अल स्लवाडोर, निकारागुआ, होंडुरास, कोस्टारिका और मैक्सिको के कुछ भागों पर तबाही मचाई थी. करीब 2000 लोग मारे गए थे.
लेकिन इस चक्रवात ने खबर नहीं बनाई क्योंकि उसके ठीक पहले कैटरीना और रीटा नामक चक्रवात सुर्खियाँ बन चुके थे और उसके ठीक बाद पाकिस्तान के भूकम्प ने दुनिया भर का ध्यान खींच लिया था.
ग्वाटेमाला भूकम्प [फरवरी 1976]
ग्वाटेमाला शहर में आया भूकम्प मीडिया में छाया था. इस भूकम्प से काफी तबाही मची थी. 23 हजार लोग मारे गए थे और लाखों लोग [पूरी जनसंख्या 1/6 भाग] बेघर हो गए थे.
लेकिन जो एक बात अखबारों में नहीं छपी वह यह कि इस भूकम्प ने देश की अर्थव्यवस्था को तहस नहस कर दिया था. जीवन जरूरी चीजों के दाम आसमान छूने लगे थे, सालों तक लोग बेघर ही रहे, कमाई के जरिए समाप्त हो गए और लोग खाने को तरस गए.
कुछ लोग कहते हैं कि ग्वाटॆमाला शहर ने भूकम्प के बाद जो त्रासदी झेली उससे काफी कम त्रासदी भूकम्प से हुई थी.
विलहेम गस्टलोफ का डूबना
लोग टाइटेनिक को याद करते हैं लेकिन विलहेम गस्टलोफ की त्रासदी कोई याद नहीं करता. वह इसलिए क्योंकि इस विषय में काफी कम लिखा गया है. यह एक जर्मन जहाज था जो 30 जनवरी 1945 को बाल्टिक हार्बर से निकला था.
इस जहाज में 5000 विस्थापित भरे थे जिनमें अधिकतर महिलाएँ और बच्चे थे. इसके अलावा 1600 सैनिक भी ठुंसे गए थे.
इस जहाज की भनक सोवियत पनडुब्बी एस13 को लगी, जिसमें से निकले 3 तारपिडो ने इस जहाज को समुद्र में डूबा दिया. 5400 लोग मारे गए थे, टाइटेनिक से कहीं अधिक.









