“नाम, धर्म, जाति बाद में… पहले इंसान बनो!”: क्या हम इंसानियत भूलते जा रहे हैं?
सोशल मीडिया की चकाचौंध और ट्रेंड्स की भीड़ के बीच कभी-कभी कुछ ऐसी तस्वीरें और संदेश सामने आते हैं, जो हमें रुककर सोचने पर मजबूर कर देते हैं। इन दिनों इंटरनेट पर ‘पोस्टर गर्ल’ के नाम से मशहूर सोनी भट्ट (Sonni Bhatt) की एक तस्वीर तेज़ी से वायरल हो रही है, जिसमें उनके हाथ में एक सादा-सा पोस्टर है, लेकिन उस पर लिखा संदेश बेहद गहरा है— “नाम, धर्म, जाति बाद में… पहले इंसान बनो!”
कौन हैं पोस्टर गर्ल सोनी भट्ट?
सोनी भट्ट कोई बड़ी सेलिब्रिटी नहीं, बल्कि एक आम नागरिक हैं, जिन्होंने अपने सशक्त विचारों से सोशल मीडिया पर खास पहचान बनाई है। उनकी यही सादगी और साफ सोच लोगों को सबसे ज़्यादा आकर्षित कर रही है। बिना किसी भाषण, बिना शोर-शराबे के, उन्होंने सिर्फ एक पोस्टर से करोड़ों दिल जीत लिए।
एक लाइन, लेकिन असर गहरा
आज के समय में जब समाज जाति, धर्म और पहचान की दीवारों में बंटा हुआ दिखता है, सोनी भट्ट का यह संदेश इंसानियत को सबसे ऊपर रखने की सीख देता है। यही वजह है कि नेटिज़न्स इस पोस्ट को “सकारात्मक भारत” की असली पहचान बता रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि नफरत और कट्टरता के शोर में यह इंसानियत की सबसे बुलंद आवाज़ है।




