ताजमहल में शाहजहां का 371वां उर्स शुरू: उर्स के अवसर पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक फ्री एंट्री
उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित विश्व प्रसिद्ध ताजमहल में मुगल बादशाह शहंशाह शाहजहां के 371वें उर्स का भव्य आयोजन किया गया। तीन दिवसीय इस उर्स की शुरुआत 15 जनवरी को हुई, जिसमें शाहजहां और उनकी बेगम मुमताज महल की असली कब्रों पर परंपरागत धार्मिक रस्में निभाई गईं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारियों की मौजूदगी में खुद्दाम-ए-रोजा ताजमहल उर्स कमेटी द्वारा गुसल, गुलपोशी और चादरपोशी की रस्म अदा की गई।
1720 मीटर लंबी सतरंगी चादर बनी आकर्षण का केंद्र
उर्स के अंतिम दिन यानी 17 जनवरी को करीब 1720 मीटर लंबी हिंदुस्तानी सतरंगी चादर शाहजहां की कब्र पर चढ़ाई गई। यह चादर विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा पूरे वर्ष भेजी गई छोटी-छोटी चादरों को जोड़कर बनाई गई, जो सांप्रदायिक सौहार्द और एकता का प्रतीक बनी।
सर्वधर्म सहभागिता से दिया गया अमन-चैन का संदेश
कमेटी के अध्यक्ष ताहिर उद्दीन ताहिर के नेतृत्व में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों ने मिलकर यह रस्म अदा की और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी। इस आयोजन में सभी धर्मों की सहभागिता ने ताजमहल उर्स को आपसी भाईचारे की मिसाल बना दिया।






