एपस्टीन फाइल्स का ‘महा-विस्फोट’: क्या सच में बेनकाब हुए दुनिया के शक्तिशाली चेहरे?
दुनिया के सबसे चर्चित सेक्स स्कैंडल से जुड़े जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 30 जनवरी 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने ‘Epstein Files Transparency Act’ के तहत लगभग 35 लाख दस्तावेज़, 1.8 लाख तस्वीरें और 2000 से अधिक वीडियो सार्वजनिक कर दिए। इन फाइलों के सामने आते ही अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति, कॉरपोरेट जगत और हाई-प्रोफाइल हस्तियों में हलचल मच गई है।
क्या है ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’?
यह कानून लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई और सार्वजनिक दबाव के बाद लाया गया। इसके तहत अदालत और जांच एजेंसियों के पास मौजूद दस्तावेज़ों को सार्वजनिक किया गया ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
इन दस्तावेजों में शामिल हैं:
अदालत की गवाही (Court Depositions),
ईमेल और निजी संचार,
यात्रा रिकॉर्ड,
वित्तीय लेनदेन,
संपर्क सूची और डायरी एंट्री,
जांच एजेंसियों की रिपोर्ट,
सोशल मीडिया पर वायरल सनसनी: क्या सच है?
फाइलें जारी होते ही सोशल मीडिया पर कई चौंकाने वाले दावे वायरल हो गए, जिनमें कहा गया कि: नरभक्षण (Cannibalism) के सबूत मिले, बच्चों की बलि जैसे अपराधों का उल्लेख, विश्व नेताओं की सीधी संलिप्तता|
हमारी जांच में अब तक सार्वजनिक दस्तावेजों में नरभक्षण या बच्चों की बलि जैसे दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। अधिकांश वायरल पोस्ट अपुष्ट स्क्रीनशॉट, संदर्भ से हटाए गए अंश या पुराने षड्यंत्र सिद्धांतों (Conspiracy Theories) पर आधारित पाए गए हैं।







