इटली की लुक्रेशिया बनी सनातन की साधिका: माघ मेले में नागा साधु के सानिध्य में बदली जीवन की दिशा

प्रयागराज के संगम तट पर चल रहे माघ मेला 2026 में इस बार श्रद्धा और आस्था के सैलाब के बीच एक विदेशी चेहरा हर किसी का ध्यान खींच रहा है। इटली से आई 22 वर्षीय लुक्रेशिया अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
तीसरी बार प्रयागराज, बढ़ता सनातन से जुड़ाव
लुक्रेशिया इससे पहले भी दो बार प्रयागराज आ चुकी हैं। पहली बार वे 2024 के माघ मेले में आई थीं, जहाँ उनकी मुलाकात नागा साधु मनमौजी रामपुरी से हुई। इसके बाद 2025 के महाकुंभ में भी उन्होंने संगम तट पर समय बिताया। इस बार वे माघ मेले में लंबे समय तक ठहरी हुई हैं और पूरी तरह भारतीय सनातन संस्कृति में रमी हुई दिखाई दे रही हैं।
नागा साधु के आश्रम में साधना और भक्ति
नागा साधु मनमौजी रामपुरी के आश्रम में रहकर लुक्रेशिया दिनभर भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और मंत्र जाप करती हैं। गुरु के सानिध्य में रहकर वे सनातन परंपराओं को नजदीक से समझ रही हैं और साधना के मार्ग पर आगे बढ़ रही हैं।







