कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी मामला: विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई अब भी लंबित

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कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार के रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि एसआईटी ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी, लेकिन अगस्त 2025 से अब तक सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है।
एसआईटी की अनुमति पर सरकार की चुप्पी पर सवाल
सोमवार (19 जनवरी, 2026) को हुई सुनवाई में एसआईटी ने कोर्ट को बताया कि उसने 19 अगस्त 2025 को अभियोजन की अनुमति के लिए आवेदन भेजा था। बीएनएस की धारा 196 के तहत ऐसे मामलों में सरकार की अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा,
“आप पांच महीने से ज्यादा समय में कोई फैसला नहीं ले सके हैं, यह बेहद चिंताजनक है।”
विजय शाह के बयान से शुरू हुआ विवाद
यह मामला मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान से जुड़ा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक सार्वजनिक सभा में विजय शाह ने कथित तौर पर कर्नल सोफिया को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित हुई एसआईटी
विजय शाह ने एफआईआर रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने जांच पर रोक लगाने से इनकार करते हुए तीन आईपीएस अधिकारियों—प्रमोद वर्मा, डी. कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह—की एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने जांच पूरी कर राज्य सरकार को अभियोजन की अनुमति के लिए अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
माफी पर भी कोर्ट ने दिखाई सख्ती
सुनवाई के दौरान विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि उनके मुवक्किल माफी मांग चुके हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त लहजे में कहा, “रिकॉर्ड में कोई औपचारिक माफी नहीं है और अब माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है।”
कोर्ट ने पहले भी विजय शाह की सार्वजनिक और ऑनलाइन माफी को “मगरमच्छ के आंसू” बताते हुए खारिज कर दिया था।
एमपी सरकार को जल्द फैसला लेने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह कानून के तहत उचित कदम उठाते हुए विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की अनुमति को लेकर जल्द निर्णय ले। साथ ही कोर्ट ने एसआईटी से विजय शाह के अन्य आपत्तिजनक बयानों को लेकर अलग रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है।







