नेहरू: PM ही नहीं, विचारों के महान दस्तावेज़कार: 60 साल बाद क्यों तेज हुई सियासी बहस
18 दिसंबर 2025
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भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि वे एक प्रखर लेखक, चिंतक और संवादकर्ता भी थे। स्वतंत्रता संग्राम के दौर से लेकर अपने 17 वर्षों के प्रधानमंत्री कार्यकाल तक नेहरू ने हजारों पत्र लिखे। ये पत्र सिर्फ निजी संवाद नहीं, बल्कि भारत के राजनीतिक, सामाजिक और वैश्विक दृष्टिकोण के जीवंत ऐतिहासिक दस्तावेज माने जाते हैं।
नेहरू की चिट्ठियों का ऐतिहासिक महत्व
नेहरू की चिट्ठियां आज भी प्रासंगिक हैं क्योंकि इनमें सांप्रदायिकता, राष्ट्रवाद, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और भारत की वैश्विक भूमिका जैसे मुद्दों पर उनके विचार स्पष्ट रूप से झलकते हैं। बतौर प्रधानमंत्री, गुटनिरपेक्ष आंदोलन को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका और विश्व के कई राष्ट्राध्यक्षों व विचारकों से उनका संवाद इन पत्रों में दर्ज है।







