“यह बजट नहीं, जनता के साथ छलावा है!”: पूछा, महंगाई से जूझ रही महिलाओं के लिए क्या है?
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस बजट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बजट को “उम्मीदों के खिलाफ” और “आम जनता के साथ छलावा” बताया।
महंगाई और रसोई पर कोई राहत नहीं
डिंपल यादव ने कहा कि बजट में महंगाई कम करने को लेकर कोई ठोस रोडमैप नजर नहीं आता। रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों से परेशान जनता को इस बजट से कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा— “महंगाई की मार झेल रही महिलाओं के लिए आखिर इस बजट में क्या है?”
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की अनदेखी
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि बजट में ग्रामीण भारत, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। महिला सुरक्षा, रोजगार और स्वावलंबन को लेकर सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा— “सरकार आंकड़ों की बाजीगरी में माहिर है, लेकिन ज़मीनी हकीकत में गरीब, किसान और महिलाएं आज भी खाली हाथ हैं।”
“विकसित भारत” सिर्फ कागजों तक सीमित
डिंपल यादव ने सरकार के ‘विकसित भारत’ विज़न पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा— “जब तक किसान और नौजवान खुशहाल नहीं होंगे, तब तक ‘विकसित भारत’ की बातें सिर्फ कागजी जुमले ही रहेंगी।”
स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी उठे सवाल
डिंपल यादव ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में बजट पूरी तरह निराशाजनक है, खासकर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन जमीन पर उसका असर कहीं दिखाई नहीं देता।
महिला सुरक्षा और बढ़ते अपराधों पर चिंता
सपा सांसद ने बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में यह कहना मुश्किल है कि महिलाओं और युवाओं के लिए बजट में कुछ खास किया गया है। महिला सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम न उठाया जाना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।









