Budget 2026: निवेश, रोजगार और विकसित भारत पर फोकस

निवेश, रोजगार और विकसित भारत पर फोकस
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता निवेश बढ़ाकर टिकाऊ आर्थिक विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है। बजट रणनीति में निवेश को सबसे अहम औज़ार बनाया गया है।

F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ी, सट्टेबाज़ी पर रोक का संकेत
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य बिना समझे किए जाने वाले सट्टेबाज़ी व्यवहार पर रोक लगाना है, ताकि निवेशक जोखिम को समझकर ही बाजार में कदम रखें।

श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर विशेष जोर
सरकार का फोकस ऐसे श्रम-प्रधान सेक्टर्स पर है, जहां बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावना है। इससे युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और आर्थिक वृद्धि ज्यादा समावेशी बनेगी।

विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन जारी रहेगा
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि CPSEs के विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे सरकारी कंपनियों में पब्लिक हिस्सेदारी बढ़ेगी और गैर-कर राजस्व को मजबूती मिलेगी। आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया भी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

निजी उपभोग और राजकोषीय अनुशासन पर भरोसा
निर्मला सीतारमण ने भरोसा जताया कि आने वाले महीनों में निजी उपभोग मजबूत बना रहेगा। वित्त वर्ष 2027 के घाटा लक्ष्य से साफ है कि सरकार विकास और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखना चाहती है।

IBC कानून में संशोधन की तैयारी
सरकार 9 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण में दिवाला और शोधन अक्षमता कानून (IBC) में संशोधन से जुड़ा विधेयक लाएगी, जिससे कॉरपोरेट समाधान प्रक्रिया और प्रभावी बन सके।

बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर ऐलान: कैपेक्स और रेल कॉरिडोर
बजट 2026 में सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसके साथ ही सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है, जिससे कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

बायो-फार्मा शक्ति और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
सरकार अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर बायो फार्मा शक्ति की स्थापना करेगी। साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी।

शिक्षा, स्वास्थ्य और MSME पर फोकस
बजट में तीन नए AIIMS, कंटेंट क्रिएटर लैब, आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त 4,000 करोड़ और MSME के लिए 10,000 करोड़ के नए फंड की घोषणा की गई है। यह कदम रोजगार, स्किल और इनोवेशन को बढ़ावा देगा।

NRIs और वैश्विक निवेश को बढ़ावा
NRIs की निवेश सीमा 5% से बढ़ाकर 10% कर दी गई है। इससे विदेशी पूंजी की भागीदारी बढ़ेगी और दीर्घकालिक निवेश को बल मिलेगा।

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