“चीन के इरादे खतरनाक हैं!”: राहुल गांधी के बाद अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला
चीन सीमा विवाद को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है। संसद के गलियारों से लेकर राज्यों की राजनीति तक, केंद्र सरकार की चीन नीति पर विपक्ष ने खुला मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के तीखे और सधे हुए हमलों के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी खुलकर सरकार के खिलाफ सामने आ गए हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा का यह मुद्दा आने वाले दिनों में देश की राजनीति के केंद्र में रहने वाला है।
विपक्ष की बढ़ती एकजुटता ने बढ़ाया सियासी दबाव
राहुल गांधी द्वारा चीन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जाने के बाद विपक्षी खेमे में एक नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। खास बात यह है कि इस बार केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी, वाम दल और अन्य विपक्षी दल भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एक सुर में बोलते नजर आ रहे हैं। अखिलेश यादव का राहुल गांधी के समर्थन में खुलकर सामने आना विपक्षी एकजुटता को और मजबूती देता है।
राहुल गांधी के बयान के बाद तेज हुई सियासत
राहुल गांधी द्वारा दिए गए चर्चित “56 इंच की छाती” वाले बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। उनके इस बयान को केंद्र सरकार की चीन नीति पर सीधा हमला माना गया। राहुल गांधी का आरोप रहा है कि सरकार चीन के वास्तविक हालात देश से छिपा रही है और सीमा पर जो हो रहा है, उसकी सच्चाई संसद और जनता के सामने नहीं रखी जा रही।
अखिलेश यादव का सरकार पर सीधा हमला
राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाते हुए अखिलेश यादव ने भी सरकार की विदेश और सुरक्षा नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चीन के इरादे बेहद खतरनाक हैं और ऐसे में केवल बयानबाज़ी या कूटनीतिक शब्दों से काम नहीं चलेगा। उनके मुताबिक, जब चीन सीमा पर लगातार दबाव बना रहा है, तब सरकार का केवल व्यापारिक रिश्तों की बात करना चिंता का विषय है।





