अहिल्यानगर में 11 साल की बच्ची पर एसिड अटैक: स्कूल से लौटते समय दरिंदगी

स्कूल से लौटते समय दरिंदगी

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अहिल्यानगर जिले के संगमनेर तहसील के वडगांव पान गांव से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां छठी कक्षा में पढ़ने वाली 11 साल की छात्रा पर एक अज्ञात हमलावर ने तेजाब फेंक दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

स्कूल से लौटते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, छात्रा स्कूल खत्म होने के बाद साइकिल से अपने घर लौट रही थी, जो स्कूल से करीब 3-4 किलोमीटर दूर है। रास्ते में खेतों के बीच एक कच्चे रास्ते पर बाइक सवार एक अज्ञात युवक ने उसे रोका। आरोपी ने पहले पता पूछने का बहाना किया और जैसे ही बच्ची रुकी, उसने उसके चेहरे पर तेजाब जैसा खतरनाक पदार्थ फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।

बुरी तरह झुलसी बच्ची, किसी तरह स्कूल पहुंची
हमले के बाद बच्ची दर्द से चीखती हुई किसी तरह वापस अपने स्कूल पहुंची। वहां मौजूद शिक्षकों ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और उसे लोणी के प्रवरानगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची करीब 7% तक झुलस गई है, हालांकि उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पीड़ित छात्रा बेहद गरीब परिवार से है। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और वह अपनी मां व दादा-दादी के साथ रहती है। मां मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती है। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार सदमे में है और न्याय की मांग कर रहा है।

पुलिस की कार्रवाई तेज, CCTV फुटेज खंगाली जा रही
संगमनेर पुलिस थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने एसपी के नेतृत्व में कई टीमें गठित की हैं, जो गांव और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान कर जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

ग्रामीणों का विरोध, सड़क जाम कर जताया आक्रोश
घटना के बाद गांव में भारी गुस्सा देखने को मिला। गुस्साए ग्रामीणों ने लोणी-संगमनेर रोड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाती हैं।

राजनीति में गूंजा मामला, विधानसभा तक पहुंची आवाज
इस घटना की गूंज राज्य की राजनीति तक पहुंच गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने इसे “भयानक घटना” बताया है। स्थानीय विधायक ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया और पीड़ित परिवार के लिए न्याय व सहायता की मांग की।

एसिड बिक्री पर फिर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर खुले बाजार में एसिड की बिक्री पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कड़े नियमों के बावजूद आसानी से एसिड का मिलना चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमले पीड़ित के जीवन को शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से गहराई तक प्रभावित करते हैं।

सख्त सजा की मांग, न्याय का इंतजार
स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई और न्याय व्यवस्था पर टिकी है कि पीड़ित बच्ची को कब और कैसे न्याय मिल पाता है।

अहिल्यानगर की यह घटना न केवल मानवता को झकझोरती है, बल्कि समाज और कानून व्यवस्था के सामने गंभीर सवाल भी खड़े करती है। एक मासूम पर हुआ यह हमला पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा और कानून के क्रियान्वयन को और सख्त बनाने की जरूरत है।

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