Bitcoin vs Gold 2026: युद्ध के दौर में चमका क्रिप्टो
दुनिया भर में जब भी युद्ध, आर्थिक संकट या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, निवेशक आमतौर पर सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं। लेकिन मार्च 2026 में अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने निवेश की पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल दिया। बाइनेंस रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस वैश्विक तनाव के दौर में बिटकॉइन (BTC) और एथेरियम (ETH) ने सोने और शेयर बाजार दोनों से बेहतर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट में इसे क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए “जियोपॉलिटिकल रेजिलिएंस” यानी भू-राजनीतिक मजबूती का ऐतिहासिक संकेत बताया गया है। मिडिल ईस्ट तनाव से हिले ग्लोबल मार्केट मार्च 2026 में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर के बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। ब्रेंट ऑयल की कीमतों में करीब 36% की तेजी आई और वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% प्रभावित हुआ। इस तनाव का असर शेयर बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। अमेरिकी S&P 500 इंडेक्स करीब 8% टूट गया, जबकि सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 12% तक गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की रही कि पारंपरिक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोना करीब 13% और चांदी 22% तक फिसल गई। संकट में भी मजबूत रहा क्रिप्टो मार्केट जहां पारंपरिक बाजारों में गिरावट का माहौल था, वहीं क्रिप्टो बाजार ने अलग तस्वीर पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के शुरुआती 32 दिनों में बिटकॉइन ने 1% का पॉजिटिव रिटर्न दिया, जबकि अपने उच्चतम स्तर पर यह 14% तक उछला। एथेरियम ने इससे भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 6% की बढ़त दर्ज की और उच्चतम स्तर पर 22% तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहली बार है जब क्रिप्टो एसेट्स ने खुद को पारंपरिक जोखिम वाले निवेश विकल्पों से अलग साबित किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक अब बिटकॉइन को केवल सट्टा निवेश नहीं बल्कि संकट के समय सुरक्षित विकल्प के रूप में भी देखने लगे हैं।