सलाखों से सफलता तक: बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे ने रचा नया इतिहास
कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में आरोपी रही खुशी दुबे ने अपनी जिंदगी को नई दिशा देते हुए उत्तर प्रदेश बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास कर ली है। गुरुवार को घोषित हुए यूपी बोर्ड 12वीं के परिणाम में खुशी दुबे ने 60.8 प्रतिशत अंक हासिल कर फर्स्ट डिविजन प्राप्त किया। यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और हौसले की मिसाल बन गई है। एक समय ऐसा था जब खुशी दुबे का नाम देशभर में बिकरू कांड के कारण सुर्खियों में था, लेकिन आज वही नाम शिक्षा और सफलता की वजह से चर्चा में है। खुशी ने साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां इंसान के इरादों को कमजोर नहीं कर सकतीं। 30 महीने जेल और मुश्किल हालात में भी नहीं छोड़ी पढ़ाई बिकरू कांड के बाद खुशी दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जहां उन्होंने करीब 30 महीने सलाखों के पीछे बिताए। इस दौरान कानूनी लड़ाई, कोर्ट की तारीखें और परिवार की परेशानियां लगातार बनी रहीं। खुशी ने बताया कि मां की खराब तबीयत, मानसिक तनाव और समाज की नजरों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। विषयवार अंक भी आए सामने खुशी दुबे ने इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 61 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उनके विषयवार अंक इस प्रकार हैं: हिंदी – 66, अंग्रेजी – 49, इतिहास – 41, सिविक्स – 73, समाजशास्त्र – 75, समाजशास्त्र और सिविक्स जैसे विषयों में अच्छे अंक हासिल कर खुशी ने अपनी मेहनत का प्रमाण दिया।