Chhatarpur में जल सत्याग्रह तेज: Ken-Betwa Project के खिलाफ आदिवासियों की पुकारमध्य प्रदेश के Chhatarpur जिले में चल रहा जल सत्याग्रह अब सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि यह हजारों आदिवासी परिवारों के अस्तित्व, सम्मान और भविष्य को बचाने की निर्णायक लड़ाई बन चुका है। Ken-Betwa River Linking Project के विरोध में बड़ी संख्या में लोग पानी के बीच खड़े होकर अपना आक्रोश और दर्द जाहिर कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह परियोजना उनके जीवन, जमीन और संस्कृति पर सीधा हमला है। गले में फंदा डालकर सरकार से पूछे सवाल इस आंदोलन का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब कई प्रदर्शनकारी गले में फांसी का फंदा डालकर पानी में खड़े नजर आए। वे सरकार से सवाल पूछ रहे थे—“हमारा कसूर क्या है?” यह सवाल केवल कुछ लोगों की नाराजगी नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के दर्द, असुरक्षा और बेबसी की आवाज बन गया है। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों की भावनाओं को झकझोर रहा है। जमीन छिनने और घर उजड़ने का डर आदिवासी समुदाय का कहना है कि विकास के नाम पर उनसे उनकी जमीन, जंगल और पहचान छीनी जा रही है। जिन जमीनों पर पीढ़ियों से उनका जीवन टिका है, वही अब परियोजना की भेंट चढ़ने वाली हैं। उनका आरोप है कि अब तक पुनर्वास को लेकर कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है, जिससे हजारों परिवारों के सामने भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।