Trump Faces Midterm Setback: मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावटमिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप की मुश्किलें बढ़ीं अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले सामने आए जनमत सर्वेक्षणों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती के संकेत मिले हैं। सर्वे के अनुसार, प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि सीनेट में मुकाबला अनिश्चित बना हुआ है। हालांकि, ये अनुमान हैं और अंतिम नतीजे मतदाताओं के मतदान पर निर्भर करेंगे। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पर नियंत्रण का सवाल अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। रिपोर्ट में अलग-अलग चुनाव विश्लेषकों के अनुमानों के आधार पर डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है। यदि डेमोक्रेट्स सदन पर नियंत्रण हासिल करते हैं, तो वे ट्रंप प्रशासन की नीतियों की जांच और उन पर राजनीतिक रोक लगाने की कोशिश कर सकते हैं। इससे व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ने की आशंका भी रहेगी। रिपब्लिकन नेताओं के बीच दूरी के संकेत रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट के बीच कुछ रिपब्लिकन उम्मीदवार अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। न्यू हैम्पशायर के रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार जॉन सुनुनु ने अपने प्रचार में कहा कि राज्य के हितों के खिलाफ जाने वाली राष्ट्रपति की नीतियों का वह विरोध करेंगे। यह रुख रिपब्लिकन पार्टी के भीतर चुनावी रणनीति को लेकर दबाव का संकेत माना जा रहा है। मतदान प्रक्रिया पहले ही शुरू रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सोमवार तक करीब 3 करोड़ अमेरिकी नागरिक पोस्टल बैलेट या मतदान केंद्रों के जरिए वोट डाल चुके थे। अमेरिका में मध्यावधि चुनावों में मतदान प्रतिशत आमतौर पर राष्ट्रपति चुनावों की तुलना में कम रहता है। 2018 में मतदान प्रतिशत लगभग 50 फीसदी और 2022 में 46.2 फीसदी दर्ज किया गया था। शुरुआती मतदान के आंकड़े अंतिम परिणामों का संकेत जरूर दे सकते हैं, लेकिन उनसे चुनाव का नतीजा तय नहीं होता। ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग और आर्थिक नाराजगी रिपोर्ट में रियल क्लियर पॉलिटिक्स के सर्वे औसत का हवाला देते हुए कहा गया है कि 38.2 फीसदी संभावित मतदाता ट्रंप के कामकाज से संतुष्ट हैं, जबकि 60.2 फीसदी असंतुष्ट बताए गए हैं। सर्वे में 57 फीसदी लोगों ने यह भी कहा कि ट्रंप की नीतियों से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हुई है। ये आंकड़े सर्वे की अवधि और उसमें शामिल मतदाताओं के आधार पर बदल सकते हैं। महंगाई और ईंधन की कीमतें बनीं मुद्दा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर मतदाताओं की चिंता बढ़ी है। इसमें पेट्रोल की औसत कीमत 4.28 डॉलर प्रति गैलन और डीजल की कीमत 6.28 डॉलर प्रति गैलन बताई गई है। ट्रंप ने 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान पेट्रोल की कीमत घटाने का वादा किया था। ऐसे में ईंधन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें चुनावी बहस का अहम मुद्दा बन सकती हैं।