ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान घुटनों पर: ट्रंप बोले- बातचीत की गुहार लगा रहा ईरान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि पिछले 14 दिनों में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण ईरान की सैन्य क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब ईरान खुद अमेरिका से बातचीत की अपील कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, यदि ईरान मजबूत स्थिति में होता तो वह इस तरह वार्ता की मांग नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने फिलहाल कूटनीतिक समाधान का अवसर दिया है, लेकिन यदि समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है। ट्रंप का यह बयान वैश्विक राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। 14 दिनों के हमलों का असर, ट्रंप ने गिनाई अमेरिकी कार्रवाई डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने हाल के दिनों में ईरान के मिसाइल ठिकानों, ड्रोन बेस, रडार सिस्टम और रणनीतिक पुलों को निशाना बनाया। उनके मुताबिक इन हमलों से ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने कहा कि इन कार्रवाइयों के बाद ईरान अब सैन्य टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता तलाश रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरान की ओर से अलग रुख सामने आ सकता है। आर्थिक प्रतिबंधों से बढ़ा दबाव, तेल निर्यात पर असर ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनाव के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था भी गंभीर संकट का सामना कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और तेल निर्यात पर असर से ईरान की आय प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। वहीं तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बना हुआ है।