Neeraj Yadav Death Case: पैरा एथलीट नीरज यादव की मौत पर उठे सवालनीरज यादव की मौत के मामले में उठ रहे सवाल पैरा एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता एथलीट नीरज यादव की मौत को पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है। हालांकि, परिवार ने पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। मामले में युवती से मुलाकात, घटनाक्रम और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अभी तक सामने आई जानकारी के आधार पर मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। परिवार ने नीरज के संघर्ष और हौसले को किया याद परिजनों के मुताबिक, नीरज को बचपन से पोलियो के कारण पैरों में दिव्यांगता थी, लेकिन उन्होंने खेलों में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने वर्ष 2005 से 2012 तक व्हीलचेयर टेनिस खेला और वर्ष 2015 में एथलेटिक्स की ओर रुख किया। इसके बाद उन्होंने एफ-55 कैटेगरी में जैवलिन थ्रो, शॉट पुट और डिस्कस थ्रो जैसी स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। पैरा एशियन गेम्स में जीते थे स्वर्ण पदक नीरज के चाचा सुनील यादव के अनुसार, उन्होंने पैरा एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीते थे। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने जैवलिन थ्रो में 29.84 मीटर के प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक और एशियाई रिकॉर्ड हासिल किया था। वर्ष 2022 में मोरक्को में पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और अकादमी रिपोर्ट के अनुसार, पैरा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर दिल्ली सरकार ने नीरज को एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी थी। वह सोनीपत में अपनी अकादमी भी चलाते थे। पुलिस युवती से उनके परिचय और मुलाकात से जुड़े घटनाक्रम के साथ-साथ पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।