टैक्स-रिफंड अब तक नहीं आया: वेरिफिकेशन से लेकर बैंक डिटेल तक, ये 4 गलतियां रोक रही हैं आपका रिफंडआयकर रिटर्न (ITR) भरने के बाद अगर आपका टैक्स रिफंड अभी तक बैंक अकाउंट में नहीं आया, तो आप अकेले नहीं हैं। कई टैक्सपेयर्स को समय पर रिफंड नहीं मिलने की समस्या हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, देरी की 4 मुख्य वजहें हैं जिनके कारण आपका रिफंड अटका हो सकता है। ITR वेरिफाई न किया होना ITR फाइल करने के बाद उसे वेरिफाई करना अनिवार्य है। अगर आपने ITR वेरिफाई नहीं किया है, तो रिटर्न प्रोसेस शुरू ही नहीं होता और रिफंड नहीं मिलता। आधार OTP, नेट बैंकिंग या EVC से वेरिफिकेशन किया जा सकता है। गलत बैंक अकाउंट या अधूरी जानकारी रिफंड केवल प्री-वेरिफाइड बैंक अकाउंट में ही आता है। अगर अकाउंट नंबर, IFSC कोड या नाम में गलती है, तो रिफंड रोका जा सकता है। ई-फाइलिंग पोर्टल पर बैंक डिटेल अपडेट व वेरिफाई करना जरूरी। रिटर्न में गलती या mismatch टैक्स रिटर्न में इनकम mismatch, TDS गलत, फॉर्म 26AS या AIS में अंतर जैसी गलतियों के कारण IT विभाग रिटर्न को रोककर जांच शुरू कर देता है, जिससे रिफंड देर से मिलता है।