कौन होते हैं मूलांक 8 के जातक?: संघर्ष के बाद 30 के पार चमकती है शनि देव की कृपा

अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार हर व्यक्ति का एक मूलांक होता है, जो उसके स्वभाव, करियर, आर्थिक स्थिति और जीवन के उतार-चढ़ाव को प्रभावित करता है। जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 8 माना जाता है। इस मूलांक का स्वामी ग्रह शनि देव हैं, जिन्हें कर्म, न्याय, अनुशासन और धैर्य का कारक कहा जाता है।
शनि देव के प्रभाव में कैसा होता है स्वभाव
मूलांक 8 के जातक स्वभाव से अंतर्मुखी, शांत, गंभीर और मेहनती होते हैं। ये लोग दिखावे से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर एकनिष्ठ भाव से काम करते हैं। हर निर्णय सोच-समझकर लेते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोते।
संघर्षों से भरा रहता है शुरुआती जीवन
शनि ग्रह के कारण मूलांक 8 वालों का प्रारंभिक जीवन अक्सर संघर्षों और रुकावटों से भरा रहता है। शिक्षा, करियर और रिश्तों में इन्हें अपेक्षित सफलता देर से मिलती है। कई बार समाज इनके प्रयासों को नजरअंदाज भी कर देता है, जिससे ये लोग एकाकी हो जाते हैं।
30 के बाद क्यों बदल जाती है किस्मत?
मूलांक 8 के जातकों के लिए 30 से 32 वर्ष की आयु जीवन का टर्निंग पॉइंट मानी जाती है। इस उम्र के बाद शनि देव की विशेष कृपा से:
करियर में स्थिरता आती है,
मेहनत का पूरा फल मिलने लगता है,
धन और संपत्ति में तेजी से वृद्धि होती है,
समाज में मान-सम्मान बढ़ता है,
यही कारण है कि कई मूलांक 8 वाले लोग 30 के बाद अचानक ऊंचाइयों पर पहुंचते हैं।









