भारत–रूस रिश्तों में नई ऊर्जा: रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए मोदी–पुतिन की अहम मुलाकात
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज दो दिनों के आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंच रहे हैं। यह यात्रा वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह ऐसे समय में हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति, रक्षा सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे तेजी से बदल रहे हैं। भारत और रूस दशकों से एक-दूसरे के भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार रहे हैं और पुतिन का यह दौरा इस संबंध को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
पुतिन की पिछली भारत यात्रा कई रणनीतिक घोषणाओं की गवाह रही थी, जिनमें रक्षा प्रणालियों की उपलब्धता, परमाणु ऊर्जा संयंत्र, और संयुक्त उत्पादन परियोजनाएँ शामिल थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण करार होने की पूरी संभावना है।
मोदी–पुतिन की उच्चस्तरीय बैठक पर सबकी नजर
भारत पहुँचने के बाद पुतिन का स्वागत शीर्ष भारतीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। अपने दौरे के दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विस्तृत बातचीत करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक में निम्न मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है:
रक्षा और सुरक्षा सहयोग का विस्तार
भारत की हथियार प्रणालियों और सैन्य उपकरणों में रूस की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इस यात्रा के दौरान S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी, रक्षा उत्पादन में संयुक्त उपक्रम और नए सैन्य समझौते एजेंडा में शामिल हो सकते हैं।






