राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष: अयोध्या बनी भारत की आध्यात्मिक पहचान
22 जनवरी 2026
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22 जनवरी 2024 को अयोध्या की धरती ने सदियों के संघर्ष, प्रतीक्षा और संकल्प को साकार होते देखा। उसी दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई और आज, 22 जनवरी 2026 को उस ऐतिहासिक क्षण के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। राम मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुका है।
1600 करोड़ का भव्य मंदिर परिसर: पूजा से संस्कृति तक का सफर
करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राम जन्मभूमि परिसर आज एक विराट धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है।
गर्भगृह में बाल स्वरूप रामलला,
प्रथम तल पर राम दरबार (राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान),
800 मीटर लंबा परकोटा और उसमें छह देवी-देवताओं के मंदिर,
यह परिसर भारतीय स्थापत्य, सनातन परंपरा और आधुनिक प्रबंधन का अद्वितीय उदाहरण है।









