मिडिल ईस्ट में बढ़ता सैन्य तनाव: अमेरिका ने दिखाया B-1B लांसर का दम

अमेरिका ने दिखाया B-1B लांसर का दम

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मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत का बड़ा प्रदर्शन किया है। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें शक्तिशाली B-1B Lancer बॉम्बर मिडिल ईस्ट के ऊपर उड़ान भरते हुए दिखाई दे रहे हैं।
यह उड़ान ऑपरेशन “Epic Fury” का हिस्सा बताई जा रही है, जिसके तहत अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चला रहे हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस फुटेज में लंबी दूरी के बॉम्बर मिशन पर उड़ते नजर आते हैं। वॉशिंगटन का कहना है कि वह ईरान के सैन्य ढांचे और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई अभियान जारी रखे हुए है।

ऑपरेशन “Epic Fury” क्या है?
सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी फरवरी के अंत में शुरू हुआ था। इस अभियान के दौरान अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर समन्वित हमले किए। इस अभियान के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी वजह से अमेरिका ने अपनी वायु और नौसैनिक संपत्तियों को मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर तैनात कर दिया है।

ब्रिटेन में उतरा अमेरिकी B-1 लांसर बॉम्बर
ताजा घटनाक्रम में अमेरिका का 146 फीट लंबा B-1 लांसर बॉम्बर ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर स्थित RAF Fairford एयरबेस पर उतरा है।
यह एयरबेस यूरोप में अमेरिका के लिए एक फॉरवर्ड ऑपरेटिंग लोकेशन माना जाता है और इसका उपयोग लंबे समय से भारी बमबारी अभियानों के लिए किया जाता रहा है। ब्रिटेन ने अमेरिका को RAF Fairford और हिंद महासागर में स्थित Diego Garcia सैन्य अड्डे के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है, जिससे अमेरिका को ईरान के खिलाफ ऑपरेशन चलाने में रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

ट्रंप की चेतावनी: आज रात हो सकता है बड़ा हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले ब्रिटेन द्वारा अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति न देने के कारण अमेरिकी विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ा था, जिससे मिशन में कई घंटे अतिरिक्त लग गए।
हालांकि बाद में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी।

कितना खतरनाक है B-1B लांसर बॉम्बर?
B-1B Lancer अमेरिकी वायुसेना का एक अत्यंत शक्तिशाली और तेज बॉम्बर विमान है, जिसे “The Bone” के नाम से भी जाना जाता है। यह विमान 1985 से अमेरिकी एयरफोर्स के बेड़े का हिस्सा है और इसे लंबी दूरी के हमलों के लिए डिजाइन किया गया है।

B-1B लांसर की प्रमुख खूबियां
1. भारी पेलोड क्षमता :
यह बॉम्बर लगभग 34,000 किलोग्राम तक हथियार ले जाने में सक्षम है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े पेलोड वाले सैन्य विमानों में शामिल है।
2. तेज रफ्तार : यह विमान लगभग मैक 1.2 (करीब 1448 किमी/घंटा) की गति से उड़ सकता है।
3. स्विंग-विंग डिजाइन : इसका विशेष स्विंग विंग डिजाइन उड़ान की स्थिति के अनुसार पंखों को समायोजित करने की सुविधा देता है।
4. लंबी दूरी की क्षमता : यह विमान अंतरमहाद्वीपीय मिशन कर सकता है और हवा में ही ईंधन भरकर लंबे समय तक उड़ान भर सकता है।
5. आधुनिक हथियार प्रणाली : B-1B में आधुनिक तकनीक लगी होती है, जिनमें शामिल हैं: GPS आधारित टारगेटिंग सिस्टम, एडवांस रडार, इलेक्ट्रॉनिक जैमर, रडार से बचने वाली तकनीक

युद्ध क्षेत्रों में पहले भी तैनात रहा B-1 बॉम्बर
अमेरिका ने इस विमान को कई बड़े सैन्य अभियानों में इस्तेमाल किया है, जिनमें शामिल हैं: अफगानिस्तान युद्ध, इराक युद्ध, सीरिया में हवाई अभियान, इन अभियानों में इसकी भारी पेलोड क्षमता और लंबी उड़ान क्षमता ने इसे बेहद प्रभावी साबित किया।

सैन्य विशेषज्ञों की राय
ब्रिटिश सेना के पूर्व अधिकारी और सैन्य विश्लेषक जस्टिन क्रम्प के अनुसार B-1 लांसर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बमवर्षकों में से एक है। उनका कहना है कि ब्रिटेन के RAF Fairford से उड़ान भरना अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से ज्यादा आसान है क्योंकि अमेरिका से सीधे ईरान तक पहुंचना काफी लंबा सफर है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि B-1 बॉम्बर्स की तैनाती इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव और बढ़ सकता है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव तेज होता है तो इसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।

अमेरिका द्वारा B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का विस्तार यह संकेत देता है कि मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील हो चुके हैं।
आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

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