सियासत में नया विवाद: फिल्मों को लेकर छिड़ी बहस

फिल्मों को लेकर छिड़ी बहस

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भारी पैसा खर्च कर ऐसी फिल्में बनाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य विपक्षी दलों की छवि खराब करना है। अखिलेश यादव ने इन फिल्मों को “पेड प्रोपेगेंडा” बताते हुए कहा कि सिनेमा का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है।

‘धुरंधर 2’ पर उठाए सवाल
अपने बयान में अखिलेश यादव ने खासतौर पर फिल्म ‘धुरंधर 2’ का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फिल्म में दिखाया गया ‘आतिफ अहमद’ नाम का किरदार कथित तौर पर Atiq Ahmed से प्रेरित है, और इसके जरिए एक खास राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की फिल्मों का मकसद मनोरंजन नहीं बल्कि राजनीतिक ध्रुवीकरण करना है।

“सिनेमा बन रहा नफरत की तलवार”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सिनेमा को “नफरत की तलवार” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा— “शायद पैसा ज्यादा हो गया है… विपक्ष को बदनाम करने के लिए करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और सत्ता-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

मथुरा हत्या कांड पर सरकार घिरी
फिल्मों के मुद्दे के साथ-साथ अखिलेश यादव ने Mathura में एक साधु-संत की हत्या का मामला भी उठाया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा:
आखिर इस जघन्य अपराध का जिम्मेदार कौन है?
घटना के समय प्रशासन क्या कर रहा था?
उन्होंने आरोप लगाया कि सच्चाई छिपाने के लिए कहानियां गढ़ी जा रही हैं।

कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
सपा प्रमुख ने यूपी की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए फिल्मों और प्रचार का सहारा ले रही है।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं सत्तापक्ष इन आरोपों को खारिज कर सकता है, आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर जब सिनेमा और राजनीति का यह टकराव जनता के बीच बहस का विषय बनता जा रहा है।

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