वृंदावन में यमुना हादसा: श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी

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उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी के केशी घाट के पास हुआ यह दर्दनाक हादसा पूरे देश को झकझोर देने वाला साबित हुआ है। श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट अचानक पलट गई, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। जो लोग कुछ समय पहले भजन-कीर्तन में लीन थे, वे अचानक जिंदगी और मौत के संघर्ष में फंस गए।
कैसे हुआ हादसा? अचानक बेकाबू हुई नाव
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव में 30 से अधिक श्रद्धालु सवार थे, जो यमुना नदी में सैर और धार्मिक यात्रा का आनंद ले रहे थे। तभी अचानक तेज हवा चलने लगी, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया। नाविक के नियंत्रण से बाहर हुई नाव तेज रफ्तार में पंटून पुल (पीपा पुल) से टकरा गई और कुछ ही सेकंड में पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और सभी लोग गहरे पानी में जा गिरे।
5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, दलदल में फंसी मिली नाव
हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू किया गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), सेना, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गहरे पानी और दलदल में फंसी नाव को बाहर निकाला गया। रातभर चले इस अभियान में कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ लोग अब भी लापता हैं।
एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत, घरों में पसरा मातम
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतकों में एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं। एक साथ इतने लोगों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। जिन घरों में खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके गृह नगर भेज दिया गया, जहां अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम नजर आई।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती—“कुछ ही सेकंड में सब खत्म हो गया”
हादसे के चश्मदीदों ने बताया कि वे सभी भजन गाते हुए यात्रा कर रहे थे और माहौल पूरी तरह शांत था। अचानक एक तेज झटका लगा और नाव पलट गई। “कुछ ही सेकंड में सब खत्म हो गया। लोग चीखते-चिल्लाते पानी में डूबने लगे,” एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया। इस हादसे में कई लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया, जिससे उनका दर्द और भी गहरा हो गया है।
तेज हवा और लापरवाही बनी बड़ी वजह
स्थानीय गोताखोरों और अधिकारियों के अनुसार तेज हवा, नाव की अधिक रफ्तार और क्षमता से ज्यादा सवारियां इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती हैं। साथ ही नाविक की लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी भी सवालों के घेरे में है। प्रशासन इन सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।
घायलों का इलाज जारी, कई की हालत गंभीर
हादसे में घायल हुए लोगों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है। परिवार के सदस्य अस्पतालों में अपने प्रियजनों के लिए दुआ कर रहे हैं।
सरकार का मुआवजा और जांच के आदेश
सरकार ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
अब भी जारी है सर्च ऑपरेशन
फिलहाल यमुना नदी में लापता 5 लोगों की तलाश जारी है। बचाव दल पूरी कोशिश कर रहा है कि जल्द से जल्द सभी लोगों को खोजा जा सके। हालांकि हर बीतते घंटे के साथ उम्मीदें कम होती जा रही हैं, लेकिन राहत टीमों का अभियान लगातार जारी है।

